रिपोर्ट ओम साहू
बस्तर, 26 फरवरी 2025 – छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पुलिस द्वारा समाज और आम जनता के बीच सामंजस्य बढ़ाने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की गई। पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में ग्राम कांटाबास में सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पुलिस और जनता के बीच बढ़ती नज़दीकियां
इस विशेष कार्यक्रम में न केवल क्षेत्र के ग्रामीणों को उनकी आवश्यकताओं की वस्तुएं उपलब्ध कराई गईं, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी उठाए गए। पुलिस प्रशासन द्वारा मच्छरदानी, कंबल, चप्पल, लूंगी, टी-शर्ट, महिलाओं के लिए साड़ी एवं बर्तन, विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई-लिखाई से संबंधित सामग्री और युवाओं के लिए वॉलीबॉल, क्रिकेट, कैरमबोर्ड और फुटबॉल किट वितरित किए गए।
महाशिवरात्रि पर सौहार्द्र का संदेश
इस आयोजन का विशेष आकर्षण महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित सामूहिक भंडारा रहा, जिसमें पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जो समाज में सौहार्द्र और एकता का प्रतीक बना।
खेलकूद और मनोरंजन से भरा दिन
ग्रामीणों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें कुर्सी दौड़, रस्साकसी और मटकी फोड़ जैसी गतिविधियां शामिल थीं। विजेताओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
पुलिस की अपील – “राष्ट्र की मुख्य धारा से जुड़े रहें”
पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा ने इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वे किसी भी असामाजिक तत्व के बहकावे में न आएं और अपने एवं अपने गाँव के विकास के लिए अवसर तलाशें। उन्होंने ग्रामीणों को पुलिस प्रशासन के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने और राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़े रहने का आह्वान किया।
समस्याओं का समाधान और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और उनके निराकरण के लिए आश्वासन दिया गया। पुलिस प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
विशेष अतिथियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) श्री योगेश देवांगन, आईपीएस श्री आकाश श्रीश्रीमाल, डीएसपी श्री भारसिंह मण्डावी, डीएसपी (बस्तर फाइटर) श्री संगम राम, एसडीओपी लोहण्डीगुड़ा श्री ईश्वर प्रसाद त्रिवेदी समेत कुल 60 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में लगभग 1200 ग्रामीणों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।
पुलिस और जनता का मजबूत होता रिश्ता
बस्तर पुलिस का यह प्रयास “जन-जन की पुलिस” की भावना को मजबूत करता है। इस तरह के कार्यक्रमों से पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ता है और सामाजिक सौहार्द्र को नई दिशा मिलती है।
“बस्तर पुलिस की यह सकारात्मक पहल, देशभर के पुलिस प्रशासन के लिए एक मिसाल है।”