
चरवाहों को ₹11,000 और गौसेवकों को ₹13,000 प्रतिमाह वेतन मिलेगा
रायपुर, 09 अगस्त 2025/ कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई गौठान योजना को अब समाप्त कर दिया गया है और उसकी जगह नई गौधाम योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत पशुओं की देखरेख, संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को नया आयाम मिलेगा।
🟢 गौधाम की मुख्य बातें
- गौधाम सरकारी भूमि पर बनाए जाएंगे, जहां पशुओं के लिए चारे, पानी और चिकित्सा की पूरी व्यवस्था होगी।
- चरवाहों को ₹11,000 और गौसेवकों को ₹13,000 प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा।
- हर गौधाम में लगभग 200 मवेशियों की देखरेख की जाएगी।
- पशुओं की बिक्री पर रोक होगी, केवल देखभाल और संरक्षण कार्य होगा।
🟡 योजना का उद्देश्य
- गौवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक संरक्षण।
- दूध उत्पादन और दुग्ध उत्पादों में वृद्धि।
- ग्रामीणों को रोजगार और स्थायी आय का साधन।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण।
🔵 प्रक्रिया
पहले चरण में चिन्हांकित सरकारी भूमि पर गौधाम स्थापित होंगे। पंचायत स्तर पर चरवाहों और गौसेवकों की नियुक्ति होगी। ज़िला प्रशासन की देखरेख में सभी कार्य संचालित किए जाएंगे।
🔴 क्यों बंद हुई पुरानी गौठान योजना?
पुरानी योजना में वित्तीय गड़बड़ियों और रखरखाव की कमी की शिकायतें थीं। नई योजना में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि पशुओं के साथ-साथ योजना का सही संचालन हो सके।
रिपोर्ट: ओम साहू
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