
रिपोर्ट: ओम साहू
बस्तर संभाग एवं जिला के मूलनिवासी समुदाय (SC, ST, OBC, Minorities) के पदाधिकारीयों ने संयुक्त निर्णय लिया है कि 06-11-2025 (गुरुवार) दोपहर 12 बजे माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को सौंपा जाएगा।
प्रमुख बिन्दु:
- कारण: रायपुर की VIP कालोनी पर स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को तोड़े जाने का मामला।
- स्थिति: सिंधी समाज व अग्रवाल समाज ने 06 नवम्बर को बस्तर बंद का आव्हान किया — जिसका मूलनिवासी समुदाय ने विरोध प्रकट किया है।
- मांग: दोषियों की गंभीर जांच व उपयुक्त कार्रवाई।
बस्तर के मूलनिवासी नेताओं का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की हरकत नहीं, बल्कि गहन संवेदनशीलता को छूने वाली बात है — खासकर तब जब ऐसे स्थानों पर सुरक्षा और चौकसी की उम्मीद रहती है।
आशंका: मूर्ति-विनाश से जुड़े प्रश्न लोगों के मन में उठ रहे हैं — “क्यों कुछ मूर्तियाँ ही निशाना बन रही हैं?”
“यह केवल एक व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि अनेक छत्तीसगढ़ियों की भावनाओं का प्रतिबिम्ब है,” स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा। उन्होंने यह भी जोडॆा कि अमित बघेल के बयानों में किसी भी समुदाय का अपमान करने का आशय नहीं था — परंतु घटना और उसके समय ने भावनाओं को तेज कर दिया।
बस्तर के कई हिस्सों में प्रदर्शन और तीखे बयान दर्ज किए गए हैं — स्थिति तनावग्रस्त बनी हुई है और 06/11 का ज्ञापन इस विवाद को और आगे बढ़ा सकता है।
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कथा का विस्तृत संदर्भ
घटना के बाद से राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों ने तुरंत नज़रें घुमाई हैं। कुछ संगठन इसे राजनीतिक माहौल बनाकर प्रदेशव्यापी रूप देने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मूलनिवासी समुदाय इसे औचित्य-हीन मानकर विरोध कर रहे हैं।
समाप्ति: शनिवार (06/11/2025) के दोपहर में होने वाले ज्ञापन के बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रशासन किस दिशा में कदम उठाता है — परन्तु फिलहाल माहौल संवेदनशील और तीखा बना हुआ है।
हमारी सलाह: पाठकों से विनती है कि शांतिप्रिय रहें और सही/सत्यापित जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट का इंतज़ार करें।