बीजापुर में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। आज 50 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इन आत्मसमर्पण करने वालों में कई हार्डकोर नक्सली भी शामिल हैं, जिन पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव की मौजूदगी में इन नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।
क्यों किया समर्पण?
सूत्रों के अनुसार, सरकार की पुनर्वास नीति, पुलिस का बढ़ता दबाव और बेहतर भविष्य की चाह ने इन माओवादियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।
क्या मिलेगा लाभ?
सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत इन सभी को पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा, जिसमें वित्तीय सहायता, रोजगार और सुरक्षा की गारंटी शामिल है।
बीजापुर में यह आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों और प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।