रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

    बस्तर के छात्र-छात्राओं ने सीखीं भविष्य की तकनीकें

जगदलपुर, 22 अप्रैल 2026/ बस्तर के युवाओं को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। धरमपुरा स्थित विवेकानंद स्कूल में 20 से 22 अप्रैल 2026 तक छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों पर आधारित एक विशेष तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रथम बैच के 25 विद्यार्थियों को 21 वीं सदी के अनिवार्य कौशल जैसे समस्या समाधान, रचनात्मकता और तकनीकी सूझबूझ से लैस करना था।



         द पाई जैम फाउंडेशन द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी में पीपीआईए फेलो की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही, जिन्होंने पूरी योजना को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को एक अनूठा और समग्र शिक्षण अनुभव प्राप्त हुआ, जहाँ उन्होंने डिजाइन थिंकिंग के माध्यम से वास्तविक जीवन की जटिल समस्याओं की पहचान करना और उनके व्यावहारिक समाधान खोजना सीखा। सैद्धांतिक ज्ञान से आगे बढ़ते हुए छात्रों ने एआई की मूल अवधारणाओं, कंप्यूटर विजन और डेटा प्रेडिक्शन जैसे आधुनिक विषयों के साथ-साथ तकनीक के नैतिक उपयोग की बारीकियों को भी समझा।

       इस कार्यशाला की एक बड़ी विशेषता इसका व्यावहारिक पक्ष रहा, जिसमें छात्र-छात्राओं ने आर्डुइनो और बेसिक इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से स्वयं छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम किया। हार्डवेयर के बुनियादी घटकों के साथ प्रयोग करते हुए छात्रों ने यह अनुभव किया कि कैसे तकनीक का सही उपयोग दैनिक जीवन की बाधाओं को दूर करने में किया जा सकता है। इसके साथ ही कोडमित्रा (अमेजन करियर टूर) के माध्यम से उन्हें भविष्य के करियर अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे उनके भीतर नई संभावनाओं के प्रति एक विजन विकसित हुआ।

      पूरी तरह से इंटरैक्टिव और गतिविधि-आधारित होने के कारण इस प्रशिक्षण ने छात्र-छात्राओं के भीतर गहरी जिज्ञासा और उत्साह का संचार किया। नई तकनीकों को आत्मसात करने की इस प्रक्रिया में छात्र-छात्राओं ने न केवल सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि अपनी आलोचनात्मक सोच का भी परिचय दिया। बस्तर में की गई यह अभिनव पहल यहाँ के विद्यार्थियों को डिजिटल युग की बदलती जरूरतों के अनुरूप ढालने और उन्हें नवाचार के क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक दूरगामी कदम साबित होगी।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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