रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

         बस्तर के स्कूलों में गूंजा ’स्कूल चलें हम’


जगदलपुर, 16 जून 2026/ बस्तर जिले के शिक्षा जगत के लिए आज का दिन एक बड़े उत्सव का गवाह बना, जब जिले के समस्त 2324 विद्यालयों में एक साथ हर्षोल्लास के साथ प्रवेश उत्सव मनाते हुए नए शैक्षणिक सत्र का गरिमामय शुभारंभ किया गया। स्कूलों में पहले ही दिन का माहौल किसी त्योहार जैसा नजर आया, जहाँ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पालकों ने उत्सुकता के साथ स्कूल पहुंचे बच्चों का तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। नए सत्र की इस शुरुआत ने बच्चों के चेहरों पर तब और मुस्कान बिखेर दी, जब उन्हें शासन की ओर से निःशुल्क किताबें और गणवेश वितरित किए गए। प्रवेश उत्सव के बाद सभी विद्यालयों में अध्यापन कार्य भी शुरू कर दिया गया, जिससे पहले ही दिन से स्कूलों में पढ़ाई का माहौल तैयार हो गया।



इस नए सत्र को लेकर जारी निर्देशों के तहत पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान स्कूलों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बस्तर के छात्र-छात्राएं उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें, इसके लिए अभी से एक विशेष कार्ययोजना बनाकर उसे धरातल पर उतारा जा रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से इस बार शाला प्रबंधन समिति और पालक-बालक सम्मेलनों को और अधिक सक्रिय किया जाएगा, ताकि बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी और संवाद को निरंतर बनाए रखा जा सके।



बस्तर के बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए इस सत्र में कई अनूठी पहलें शुरू की जा रही हैं। बच्चों के भीतर से मंच का डर और झिझक मिटाकर उनकी अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करने के लिए बोलेगा बचपन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसके तहत अब प्रतिदिन प्रार्थना सभा के समय छात्र-छात्राएं स्वयं मंच पर आकर समाचार और सुविचार प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही, बच्चों में घर पर भी पढ़ाई का अनुशासित माहौल बना रहे, इसके लिए एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है जिसके अंतर्गत प्रत्येक बच्चे के घर में एक समर्पित पढ़ाई का कोना तैयार किया जाएगा, जहाँ बैठकर वे एकाग्रता के साथ स्वाध्याय कर सकेंगे।

स्कूल और परिवार के बीच के जुड़ाव को मजबूत करने के लिए आज क्या सीखा नामक एक अनूठा संवाद कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें अभिभावक रोज घर पर बच्चों से बातचीत कर स्कूल में हुई पढ़ाई की जानकारी लेंगे। होनहार ग्रामीण बच्चों के उच्च शिक्षा के सपनों को पंख देने के लिए इस बार प्रत्येक विकासखंड से परीक्षा के माध्यम से उत्कृष्ट विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में सफलता के लिए विशेष कोचिंग व मार्गदर्शन दिया जाएगा।

       इसके अतिरिक्त, बस्तर की बेटियों की रचनात्मक क्षमताओं को नया आसमान देने के लिए सुपर गल्र्स प्रतियोगिता का खाका खींचा गया है, जिसके माध्यम से गीत- बंद-संगीत, चित्रकारी और अन्य विविध विधाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित कर बालिकाओं की छिपी प्रतिभा को एक बड़ा मंच प्रदान किया जाएगा। निश्चित रूप से बस्तर में आज से शुरू हुआ यह नया शैक्षणिक सत्र न सिर्फ शिक्षा के स्तर को ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि यहां के नौनिहालों के भविष्य को भी एक नई और समृद्ध दिशा देगा।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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