रिपोर्ट – जय शंकर पांडे



जगदलपुर, 18 जून 2026/ कमिश्नर बस्तर के निर्देशानुसार बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों में वर्षाकाल के दौरान संभावित बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त द्वारा गुरुवार को सभी जिलों के नोडल अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक  लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

            बैठक में बताया गया कि प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही तहसील स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं, जहां नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। नियंत्रण कक्षों में रोस्टर के आधार पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें सतत निगरानी एवं आपदा प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

          बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सूचना और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने के लिए ग्राम प्रमुखों एवं जनप्रतिनिधियों के संपर्क नंबर संकलित किए गए हैं। उनसे अपील की गई है कि क्षेत्र में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल नियंत्रण कक्ष को सूचना देवें।

          संभाग के सभी जिलों में संभावित बाढ़ प्रभावितों के लिए अस्थायी राहत शिविरों का चिन्हांकन कर लिया गया है। इन शिविरों में खाद्यान्न, पेयजल, चिकित्सा दल, जीवन रक्षक दवाइयों सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

            वहीं बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मोटरबोट, नाव, प्रशिक्षित गोताखोर और लाइफ जैकेट जैसी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही संभाग के पहुंचविहीन क्षेत्रों के गांवों में आगामी चार माह के लिए खाद्यान्न एवं आवश्यक सामग्रियों का भंडारण किया गया है तथा स्वास्थ्य केन्द्रों, आश्रम-छात्रावासों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही क्षेत्र के मितानिनों के पास भी आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गई है। बैठक के दौरान सभी जिलों में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्षों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आम नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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