रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 26 जून 2026/ स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों की समीक्षा बैठक का आयोजन शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया गया। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशन में आयोजित इस बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय बसाक द्वारा स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की सघन समीक्षा की गई। इस वर्चुअल बैठक में सभी संबंधित नोडल अधिकारी, जिला सलाहकार, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, ब्लॉक डेटा मैनेजर, ब्लॉक अकाउंट्स मैनेजर, ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर और जिला व ब्लॉक स्तरीय प्रोग्राम मैनेजर्स शामिल हुए। बैठक के दौरान वर्तमान में मौसमी बीमारियों के रोकथाम एवं उपचार पर जोर देते हुए मैदानी अमले के माध्यम से सतत निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए गए। वहीं किसी भी क्षेत्र में मौसमी बीमारी की सूचना पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के एजेंडे के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के सभी प्रमुख कार्यक्रमों के डेटा, ‘बस्तर मुन्ने’, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ‘100 दिवसीय जांच एवं उपचार अभियान’ (टीबी मुक्त भारत अभियान), मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान, मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के 14वें राउंड, एचपीवी वैक्सीनेशन और पल्स पोलियो अभियान की अद्यतन स्थिति पर गहन मंथन किया गया। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के कार्यों में बस्तर जिले ने पूरे संभाग में अग्रणी भूमिका निभाई है। जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कुल 9,39,639 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी की जा चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 99.22 प्रतिशत है। इस अभियान के तहत चिन्हित किए गए संदिग्ध मरीजों में से 64.94 प्रतिशत मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज भी किया जा चुका है। इसी तरह, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत भी जिले में कार्ड निर्माण का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है, जहां अब तक 94.7 प्रतिशत कवरेज हासिल करते हुए 7,80,818 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और वयोवंदना कार्ड योजना के माध्यम से जिले के 14,345 वरिष्ठ नागरिकों को भी लाभान्वित किया जा चुका है।मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बस्तर जिला लगातार सुदृढ़ स्थिति में बना हुआ है। जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण के विरुद्ध संस्थागत प्रसव (Institutional Deliveries) की दर 104.9 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो विभिन्न उच्च स्तरीय सरकारी और निजी चिकित्सा केंद्रों में सुरक्षित प्रसव की बेहतर पहुंच को प्रमाणित करती है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिले में 3,372 जीवित बच्चों का जन्म दर्ज किया गया है और बच्चों के पूर्ण टीकाकरण का स्तर 77 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय कार्यक्रमों के मोर्चे पर, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (100 दिवसीय अभियान) में बस्तर जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक बढ़कर 22,864 टीबी जांचें की हैं, जो लक्ष्य का 187.98 प्रतिशत है, जिसमें मरीजों की सफलता दर 93.47 प्रतिशत रही है। इस अभियान के तहत जिले के 148 हाई-रिस्क गांवों में से 147 गांवों में जांच शिविरों का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अन्य स्वास्थ्य अभियानों जैसे कि सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में भी लक्ष्य के मुकाबले 105 प्रतिशत (6,14,492) आबादी की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जबकि चिरायु योजना (RBSK) के तहत आंगनबाड़ियों में बच्चों की स्क्रीनिंग दर 96 प्रतिशत तक पहुंच गई है। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के 14वें राउंड के तहत भी गांवों को कवर करने और विजिट प्लान के अनुसार निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की समीक्षा की गई।
बैठक के अंत में सीएमएचओ डॉ बसाक ने जिले की इन उपलब्धियों की सराहना की, लेकिन साथ ही कुछ सुदूर ब्लॉकों में स्वास्थ्य संकेतकों, एचपीवी टीकाकरण और विभिन्न कार्ड निर्माण की गति बढ़ाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों और मैदानी अमले को पूरी प्रतिबद्धता के साथ ‘मिशन मोड’ में कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, आयुष्मान कार्ड निर्माण के शेष लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, पल्स पोलियो और टीकाकरण के अभियानों को शत-प्रतिशत सफल बनाया जाए तथा ग्रामीण एवं संवेदनशील अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर पहुंच सुनिश्चित करें।