रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

22 जुलाई 2022, दिल्ली: दिल्ली में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े विवाद में एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर कथित कार्रवाई, युवाओं और महिला पत्रकारों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वायरल बयान में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान कई युवाओं के साथ मारपीट हुई, कपड़े फाड़े गए और महिला पत्रकारों के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। बयान में पूछा गया है कि यह कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

“हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से अब तक केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की गई। यह मामला उस समय सामने आया जब CJP के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक मामले और अन्य छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था।

“मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देखा है, जबकि सरकार और प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने की दलील दी जा रही है। फिलहाल प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और दावों की जांच की जा रही है। पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों के आरोप और पूरे घटनाक्रम को लेकर आने वाले दिनों में और राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है”

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply