रिपोर्ट– जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 09 अगस्त 2026 / विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जगदलपुर में भव्य रैली, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक आयोजनों के साथ उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। आदिवासी समाज ने अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों के सम्मान का संदेश देते हुए पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया।

पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यकारणी अध्यक्ष राजाराम तोडेम ने कहा – विश्व आदिवासी दिवस हर वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के आदिवासी/मूलनिवासी समुदायों के अधिकार, संस्कृति, भाषा, परंपरा और पहचान की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

विश्व आदिवासी दिवस मनाने के प्रमुख उद्देश्य– आदिवासी अधिकारों की रक्षा करना। आदिवासी समुदायों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना। जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
आदिवासी समाज के शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के अधिकारों पर ध्यान देना।
आदिवासी समुदायों के साथ होने वाले भेदभाव और विस्थापन के विरुद्ध जागरूकता पैदा करना।
उनकी पारंपरिक ज्ञान-प्रणाली और प्रकृति संरक्षण के योगदान को सम्मान देना।
नई पीढ़ी को अपनी सामुदायिक पहचान और विरासत से जोड़ना।

अपनी संस्कृति, भाषा, पहचान और अधिकारों को बचाने तथा आदिवासी समाज के सम्मान और विकास के लिए विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है।”

अधिकारों की रक्षा और जागरूकता
मानव अधिकारों की सुरक्षा: दुनिया भर के आदिवासी समुदायों को उनके जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और पहचान की रक्षा के प्रति जागरूक करना।

तोड़ेंम ने कहा – पर्यावरण संरक्षण आदिवासी समुदाय प्रकृति के संरक्षक माने जाते हैं। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में उनकी पारंपरिक जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के ज्ञान को दुनिया के सामने लाना।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply