शॉल-श्रीफल देकर सम्मान की तस्वीर खिंचवाने से नहीं चलेगा काम, सेवानिवृत्त कर्मचारियों का लंबित भुगतान की तत्काल बहाली करें

10 अगस्त 2026, जगदलपुर।नगर पालिक निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके देय सेवानिवृत्ति लाभ एवं राशि का समय पर भुगतान नहीं किए जाने को लेकर महापौर और नगर निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि एक तरफ महापौर भारतीय जनता पार्टी की सरकार का हवाला देते हुए नगर निगम में पैसे की कोई कमी नहीं होने की बात कहते हैं,वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के वेतन से लेकर छोटे-छोटे भुगतानों तक के लिए राशि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति दिखाई दे रही है।इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी सेवा समाप्ति के बाद उनके अधिकार की राशि समय पर नहीं मिल रही है और उन्हें अपने ही पैसे के लिए नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जो कि बेहद निंदनीय है हाल ही में सुखेंद्र नायक, बासमती, जलालुद्दीन और राजेंद्र साव सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्ति के समय उन्हें शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया तथा फोटो खिंचवाकर समाचार पत्रों में सम्मानपूर्वक विदाई की खबरें प्रकाशित करवाई गईं, लेकिन वास्तविकता यह है कि उन्हें उनके देय सेवानिवृत्ति लाभ की राशि का चेक उपलब्ध नहीं कराया गया। आज ये कर्मचारी कभी इस टेबल तो कभी उस टेबल पर अपने अधिकार की राशि के लिए भटकने को मजबूर हैं।

राजेश चौधरी ने कहा कि सेवानिवृत्ति के दिन कर्मचारी के परिवार की भी अपने वर्षों के परिश्रम की जमा राशि को लेकर उम्मीद रहती है। कर्मचारी अपने जीवनभर की सेवा के बाद मिलने वाली राशि से परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों के भविष्य, पत्नी और परिवार की जरूरतों तथा अपने आगामी जीवन की योजनाओं को पूरा करने की उम्मीद रखता है। ऐसे में यदि सेवानिवृत्ति के बाद उसकी स्वयं की देय राशि समय पर नहीं मिले तो इसका असर केवल कर्मचारी पर ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार पर पड़ता है।

    पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2015 से 2020 के दौरान नगर निगम में कांग्रेस की सरकार और महापौर जतिन जायसवाल के कार्यकाल में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को शॉल-श्रीफल के साथ उनकी देय राशि का पूरा चेक तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, ताकि कर्मचारी को अपने अधिकार के लिए निगम कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।इससे पूर्व भी कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी पूरी राशि एकमुश्त देने के बजाय 50-50 हजार रुपये जैसी छोटी-छोटी किश्तों में भुगतान किया गया, जिसके कारण कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद की योजनाएं प्रभावित हुईं। वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर जो योजना बनाता है, वह समय पर पूरी राशि नहीं मिलने के कारण अधूरी रह जाती है। राजेश चौधरी ने आगे कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार होने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधियों को यह भी बताना चाहिए कि आखिर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने अधिकार के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है? महापौर महोदय को समझना चाहिए कि ये कर्मचारी अपना पूरा जीवन नगर निगम और नगर की जनता की सेवा में समर्पित कर चुके हैं। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली राशि कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका अधिकार है।

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा हमारी मांग है कि महापौर महोदय राजनीतिक बयानबाजी और फोटो खिंचवाने से आगे बढ़कर सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों का तत्काल भुगतान करवाएं।कर्मचारियों को बार-बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने से मुक्त किया जाए और उन्हें उनके अधिकार की पूरी राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए।यदि सरकार वास्तव में कर्मचारियों के हित और नगर निगम के विकास के प्रति गंभीर है, तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्या का तत्काल समाधान कर उन्हें न्याय दिलाना चाहिए।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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