रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

सुशासन से बदली डल्ला की तस्वीर, ललिता बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल
बीजापुर, 24 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब सुदूर और कभी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में भी बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं। इसका जीवंत उदाहरण बीजापुर जिले के उसूर तहसील अंतर्गत ग्राम डल्ला, येर्राबोरू है, जहां कभी भय और चुनौतियों के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ लेना कठिन था। आज यही गांव विकास, जागरूकता और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।
इसी बदलाव की कहानी ग्राम डल्ला की महिला कुरसम ललिता, पति रमेश ने लिखी है। ललिता ने जागरूकता दिखाते हुए अपना आधार कार्ड बनवाया। यही आधार कार्ड आगे चलकर उनके लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की महत्वपूर्ण कड़ी बना।
पहली बार गर्भवती होने पर ललिता ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हीना शेख से संपर्क किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग किया। योजना के तहत ललिता को 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग उन्होंने पौष्टिक आहार, फल एवं आवश्यक दवाइयों के लिए किया, जिससे गर्भावस्था के दौरान अपने और अपने शिशु के स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रख सकीं।
ललिता बताती हैं कि यदि उन्होंने समय पर आधार कार्ड नहीं बनवाया होता तो संभवतः उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हीना शेख के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जानकारी और सहयोग से उन्हें शासन की योजना का लाभ मिल सका।
जागरूकता से मजबूत हो रही महिलाओं की भागीदारी
डल्ला में अब महिलाओं में अपने अधिकारों और शासकीय योजनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। महिलाएं स्वयं ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज बनवा रही हैं और योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आ रही हैं। यह बदलाव बताता है कि जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और हितग्राही जागरूक होकर उनका लाभ लेते हैं, तो विकास की गति और तेज होती है।
राखी के पावन पर्व पर ललिता की यह कहानी महिला सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश देती है। एक महिला की जागरूकता न केवल उसके परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य को बेहतर बनाती है, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखती है।
“हर बहन के चेहरे पर मुस्कान, विष्णु भैया का यही अरमान।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप शासन द्वारा सुरक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला डल्ला आज सुशासन के माध्यम से विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।