रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

10 सितम्बर 2026, भानपुरी। भाजपा भानपुरी मंडल अध्यक्ष प्रवीण सांखला ने कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि दूसरों से सवाल पूछने से पहले उन्हें अपने कार्यकाल और बीजापुर की बदहाली का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए। वर्षों तक विधायक और पांच वर्ष तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रहने के बावजूद बीजापुर के विकास के लिए उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियां क्या हैं, यह आज भी जनता खोज रही है।
प्रवीण सांखला ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर राजनीति करना आसान है, लेकिन उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए जमीन पर काम करना पड़ता है। विक्रम मंडावी बताएं कि उन्होंने बीजापुर के कितने जरूरतमंद परिवारों, बीमारों, विद्यार्थियों और बेरोजगार युवाओं की व्यक्तिगत रूप से सहायता की?
कितने अस्पताल, स्कूल और सड़कें बनवाईं तथा कितने युवाओं को रोजगार दिलाया?
उन्होंने कहा कि जनसेवा सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखने या राजनीतिक आरोप लगाने से नहीं होती। जनसेवा का अर्थ जनता के सुख-दुःख और संकट में उसके साथ खड़ा होना है। मंत्री केदार कश्यप और उनके परिवार ने अपना जीवन बस्तर की सेवा के लिए समर्पित किया है। कांकेर से कोंटा तक बस्तर का कोई व्यक्ति उपचार के लिए रायपुर अथवा प्रदेश से बाहर जाता है, तो उसकी सहायता के लिए केदार कश्यप सदैव तत्पर रहते हैं। यही सेवा का संस्कार है, जिसे अवसरवादी राजनीति करने वाले नहीं समझ सकते।
प्रवीण सांखला ने कहा कि आज बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और स्वावलंबन के क्षेत्र में दिखाई दे रहा बदलाव भाजपा सरकार की जनहितकारी नीतियों तथा केदार कश्यप के लंबे संघर्ष और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। जिन दुर्गम क्षेत्रों तक कभी शासन-प्रशासन की पहुंच नहीं थी, वहां आज विकास, सुरक्षा और विश्वास पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच वर्षों तक कांग्रेस की सरकार थी, भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे और विक्रम मंडावी स्वयं विधायक थे। इसके बावजूद बीजापुर को भ्रष्टाचार, वादाखिलाफी, उपेक्षा और खोखली घोषणाओं के अतिरिक्त क्या मिला?
सत्ता में रहते हुए जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ने वाले लोग आज विपक्ष में बैठकर जनहितैषी होने का अभिनय कर रहे हैं।
प्रवीण सांखला ने कटाक्ष करते हुए कहा—“विक्रम मंडावी, आपकी लंबी फेसबुक पोस्ट पांच वर्षों की नाकामी नहीं छिपा सकती। दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपना रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक कीजिए, क्योंकि बीजापुर की जनता भाषण नहीं, आपके कार्यकाल के काम का हिसाब मांग रही है।”