रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

PMMVY की ऑनलाइन प्रक्रिया में दक्षता हासिल कर सेक्टर मास्टर ट्रेनर की निभा रहीं भूमिका
बीजापुर, 11 सितम्बर 2026। जिले के नेलसनार सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उषा तेलामी ने सीखने की अपनी जिज्ञासा और दूसरों की मदद करने की भावना से एक ऐसी मिसाल कायम की है, जिसमें प्रशिक्षण का लाभ केवल एक कार्यकर्ता तक सीमित न रहकर पूरी टीम तक पहुंच रहा है। नेलसनार-1 आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत उषा आज प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की सेक्टर मास्टर ट्रेनर के रूप में अपनी साथी कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन प्रक्रिया और तकनीकी कार्यों में सहयोग प्रदान कर रही हैं।
प्रशिक्षण से मिली तकनीकी दक्षता
महिलाओं और बच्चों तक स्वास्थ्य, पोषण तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। योजनाओं के डिजिटल क्रियान्वयन के साथ लाभार्थियों का पंजीयन, आवश्यक जानकारी दर्ज करना और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समझना भी उनके कार्य का अहम हिस्सा बन गया है।
उषा तेलामी को PMMVY के प्रशिक्षण के दौरान योजना की पात्रता, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और तकनीकी चरणों की जानकारी प्राप्त हुई। नई चीजें सीखने में रुचि रखने वाली उषा ने प्रशिक्षण में मिली जानकारी को शीघ्रता से समझा और उसे अपने कार्य में प्रभावी ढंग से अपनाया।
खुद सीखा, फिर साथियों को सिखाया
PMMVY की ऑनलाइन प्रक्रिया में कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फॉर्म भरने, लाभार्थियों की जानकारी दर्ज करने और तकनीकी चरणों को समझने में कठिनाई होती थी। ऐसी स्थिति में उषा ने अपनी जानकारी को केवल अपने काम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि साथी कार्यकर्ताओं की मदद के लिए आगे आईं।
वे साथी कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन PMMVY फॉर्म भरने की प्रक्रिया समझाती हैं, तकनीकी समस्याओं के समाधान में सहयोग करती हैं तथा सेक्टर स्तरीय बैठकों में अपने अनुभव साझा कर उनकी शंकाओं का समाधान करती हैं। अब तक उषा ने विभिन्न आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से 5 से अधिक PMMVY फॉर्म भरने में सहयोग किया है।
बनीं सेक्टर की ‘गो-टू’ सहयोगी
उषा की सक्रियता और तकनीकी समझ को देखते हुए उन्हें सेक्टर लीडर की भूमिका में आगे बढ़ाया गया। आज किसी साथी कार्यकर्ता को PMMVY की ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी आती है, तो उसके समाधान के लिए उषा सहज उपलब्ध रहती हैं। इससे सेक्टर में peer learning और knowledge sharing की सकारात्मक कार्यसंस्कृति विकसित हो रही है।
उषा का यह प्रयास बताता है कि प्रशिक्षण का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है, जब प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को दूसरों तक पहुंचाया जाए। एक कार्यकर्ता के सीखने से कई अन्य कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ती है और अंततः इसका सीधा लाभ योजनाओं के हितग्राहियों तक पहुंचता है।
सीखने वाली कार्यकर्ता से बनीं संसाधन व्यक्ति
उषा तेलामी का सफर एक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से आगे बढ़कर संसाधन व्यक्ति और सेक्टर मास्टर ट्रेनर बनने का उदाहरण है। उनकी पहल से साथी कार्यकर्ताओं का तकनीकी आत्मविश्वास बढ़ा है और ऑनलाइन प्रक्रियाओं को समझने में उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सहयोग मिल रहा है।
उषा का कहना है कि “PMMVY का प्रशिक्षण मिलने के बाद मुझे ऑनलाइन प्रक्रिया अच्छी तरह समझ में आई। इसके बाद जब मेरी साथी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फॉर्म भरने में परेशानी होती है, तो मैं उनकी मदद करने की कोशिश करती हूं। सेक्टर मीटिंग में भी मैं जो कुछ सीखती हूं, उसे अपनी साथी कार्यकर्ताओं के साथ साझा करती हूं।”
उषा की कहानी यह संदेश देती है कि “सीखने की पहल जब सिखाने की जिम्मेदारी में बदलती है, तो उसका लाभ पूरी टीम और समाज तक पहुंचता है।” ऐसे प्रयास डिजिटल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ जमीनी स्तर पर महिला एवं बाल विकास सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।