रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

22 सितंबर 2026, जगदलपुर! बास्तानार ग्राम पंचायत बड़े बोदेनार में आयोजित सुशासन सेवा संवाद कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक विनायक गोयल ने सहभागिता की। कार्यक्रम में देशभर से आए सरपंचों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सीधे संवाद से जुड़कर सुशासन, सेवा, पारदर्शिता, जनभागीदारी एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक विनायक गोयल ने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य शासन की योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय तथा सक्रिय जनभागीदारी से ही विकास की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है। पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही, संवेदनशीलता और सेवा भावना के साथ कार्य करना सुशासन की मजबूत आधारशिला है।

विधायक गोयल ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण और मजबूत स्थानीय इकाइयों में से एक हैं। गांव के विकास से जुड़े निर्णयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता विकास कार्यों को अधिक प्रभावी और जनोपयोगी बनाती है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन की योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने, ग्रामीणों की समस्याओं को समझने तथा प्रशासन और जनता के बीच सेतु के रूप में कार्य करने की भी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, कृषि, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए अवसर जैसे विषयों पर निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है। योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और आमजन मिलकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सेवा भावना के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।
गोयल ने कहा कि जनभागीदारी सुशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। जब ग्रामीण स्वयं विकास की प्रक्रिया में सहभागी बनते हैं, तो योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ होता है। उन्होंने पंचायतों में संवाद की निरंतरता बनाए रखने तथा ग्रामीणों की अपेक्षाओं और सुझावों को प्राथमिकता के साथ शासन-प्रशासन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने ग्रामीण विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, मूलभूत सुविधाओं तथा स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में सुशासन, सेवा और जनभागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई।
इस अवसर पर बस्तर महाराजा कमल चंद्र भंजदेव , जिला पंचायत उपाध्यक्ष बलदेव मण्डावी , जिला मंत्री नारायण सिंह ठाकुर , मंडल अध्यक्ष सुनील कुहरामी , पिछड़ा वर्ग मोर्चा मंत्री संतोष ठाकुर , नारायणपुर जिला प्रभारी बाबुल नाग , युवा मोर्चा अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य रूपाराम मुचाकी , मनकु राम पोड़ियाम , वरिष्ठ कार्यकर्ता कमल सिंह ठाकुर , बामन वेट्टी , गंगाराम पोड़ियाम , मालती मंडावी , सरपंच बीजाराम पोड़ियाम सहित ज्येष्ठ-श्रेष्ठ कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।