
जगदलपुर, 23 सितम्बर 2026/ जब मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और हौसलों को कल्पनाओं के पंख लग जाएं, तो शारीरिक सीमाएं कभी रुकावट नहीं बन सकतीं। कुछ ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायी नजारा मंगलवार 22 सितम्बर को शासकीय अस्थि बाधितार्थ बालगृह जगदलपुर में देखने को मिला, जहाँ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एक विशेष चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस खास मौके पर पूरा परिसर नन्हें कलाकारों के उत्साह और रंगों की चमक से सराबोर हो उठा।
प्रतियोगिता का केंद्र बिंदु था विकसित भारत, मेरे सपनों का भारत! जैसे ही बालगृह के दिव्यांग बच्चों ने अपनी तूलिका और रंगों को थामा, वैसे ही कागज और जमीन पर एक सशक्त राष्ट्र की भव्य तस्वीर जीवंत होने लगी। नन्हें हाथों ने अपनी कला के जरिए न केवल असीम रचनात्मकता और गहरी देशभक्ति का परिचय दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि उनकी मासूम आंखों में भविष्य के आत्मनिर्भर, समृद्ध और प्रगतिशील भारत की कैसी खूबसूरत सोच बसी हुई है।
पूरे आयोजन के दौरान बच्चों का आत्मविश्वास, उमंग और ऊर्जा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देने वाली थी। इस मंच ने इन विशेष बालकों की सृजनात्मक क्षमता को निखारने के साथ-साथ उनके भीतर एक नया आत्मबल जगाया, जिससे वे अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर सके। बच्चों द्वारा तैयार की गई एक-से-बढ़कर-एक उत्कृष्ट कलाकृतियों ने वहां उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया और हर कोई इन नन्हें हुनरमंदों की प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना करता नजर आया।