जगदलपुर, 24 सितम्बर 2026/ जल संसाधन विभाग के तत्वावधान में 22 सितंबर को विकासखंड दरभा के ग्राम पंचायत मंगनार में जल-जन सेवा संकल्प अभियान के तहत एक दिवसीय जन चौपाल का तक आयोजन किया गया। इस चौपाल का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए इसमें व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना रहा। चौपाल में ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक साथ बैठकर जल, जीवन और प्रकृति की रक्षा का संकल्प विषय पर सार्थक संवाद किया।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि जल केवल आज की जरूरत भर नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व से जुड़ा अनमोल संसाधन है, जिसका संरक्षण, संवर्धन और विवेकपूर्ण इस्तेमाल प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है।

इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम स्थल पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया गया। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक पौधे रोपे और केवल रोपण तक सीमित न रहकर उनके बड़े होने तक निरंतर सिंचाई, सुरक्षा व देखभाल करने की प्रतिज्ञा ली। इस दौरान उपस्थित विशेषज्ञों ने बताया किया कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को स्वच्छ व संतुलित रखते हैं, बल्कि वे भू-जल स्तर बढ़ाने, मृदा कटाव रोकने, वर्षा जल संचयन और स्थानीय जलवायु को अनुकूल बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

कृषि व ग्रामीण आजीविका पर बात करते हुए चैपाल में नहरों की उपयोगिता को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नहरें केवल जल आपूर्ति का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषक समृद्धि की जीवनरेखा हैं, जिनके माध्यम से खेतों तक समय पर पानी पहुँचने से फसलों की पैदावार बढ़ती है और मानसून पर निर्भरता कम होती है। इसलिए आवश्यक है कि नहरों के पानी का सुव्यवस्थित व मितव्ययी उपयोग हो, नहरों की नियमित सफाई व रखरखाव में स्थानीय लोग सहयोग करें और जलस्रोतों में किसी भी तरह का कचरा या प्रदूषित पानी न जाने दें।

इस जन चैपाल ने विभाग और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद का मार्ग भी खोला, जहाँ ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं, आवश्यकताओं और सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, बर्बादी रोकने और अधिकाधिक हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।

इस आयोजन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनभागीदारी के जरिए ही प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा कर एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखी जा सकती है। अंत में पूरा परिसर जल बचाएँ-जीवन बचाएँ, वृक्ष लगाएँ-हरियाली बढ़ाएँ, जनभागीदारी से प्रकृति बचाएँ के प्रेरणादायी नारे से गूंज उठा।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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