
कांगोली शराब दुकान से कोचियों तक कार भरकर शराब? चांदनी चौक बैग बोरी भरकर खुलेआम सुपरवाइजर के संरक्षण से सप्लाई करने का शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं ?
बस्तर में शराब के नाम पर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है!
कोचियों को संरक्षण दे रहे मैनेजर 👆
शराब दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतें, कोचियों को बैग और कार भरकर शराब दिए जाने के वायरल वीडियो और आबकारी विभाग की निष्क्रियता ने अब एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
चांदनी चौक शराब दुकान और कांगोली शराब दुकान से तौर पर कोचियों को कार भरकर शराब दिए जाने के वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा 👆
मामले की शिकायत जिला आबकारी अधिकारी और तत्कालीन कलेक्टर तक पहुंचने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से बीजेपी सरकार और आबकारी विभाग विपक्ष के निशाने पर हैं।
इस पूरे मामले पर कांग्रेस के पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने बीजेपी सरकार, जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी उड़नदस्ता टीम को जमकर घेरा।
चांदनी चौक अंग्रेजी शराब दुकान की वीडियो👆
रेखचंद जैन ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के संरक्षण में शराब कारोबार के नाम पर जनता को लूटा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस धरना-प्रदर्शन करेगी।
जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचन्द जैन ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आईं बीजेपी की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी से भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा कर रही हैं, तो उन्हें आबकारी मंत्री के विभाग की भी समीक्षा करनी चाहिए।
जिला आबकारी अधिकारी ने बयान एवं कार्यवाही को लेकर कहा👆
आखिर जनता को लूटने वाले अधिकारियों और विभाग में कथित भ्रष्टाचार पर जवाबदेही कौन तय करेगा?
वहीं दूसरी तरफ जिला आबकारी अधिकारी अमन सिंह का रवैया भी चर्चा में है।
अधिकारी द्वारा एक हजार कार्रवाई करने की बात कहकर पत्रकारों पर ऊंची आवाज में चिल्लाने का मामला सामने आया है।
लेकिन सवाल यह है कि कार्रवाई के आंकड़े गिनाना ही पर्याप्त है या फिर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे कथित अवैध शराब कारोबार पर भी जवाब देना होगा?
क्या विभाग अपनी जवाबदेही से बच रहा है? क्या शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने के पीछे कोई संरक्षण है? या फिर पूरे मामले में विभागीय लापरवाही है?
इन तमाम सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल बीजेपी सरकार से—
जब शराब दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतें हैं, कोचियों तक कार भरकर शराब पहुंचने के वीडियो वायरल हैं और विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, तो आबकारी विभाग आखिर किसका इंतजार कर रहा है?
जनता को जवाब चाहिए, सिर्फ कार्रवाई के दावे नहीं!
ढीठ रवैया, कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों की जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति कहीं बीजेपी सरकार के कुशासन की सबसे बड़ी पहचान न बन जाए!