
बकावंड (बस्तर): प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दो चरणों में किया गया। प्रथम चरण में 28–29 अक्टूबर 2026 को तिरंगा क्लस्टर में तथा द्वितीय चरण में 30–31 अक्टूबर 2026 को बलिदान क्लस्टर में दो-दो दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।पंचायत स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने, सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने तथा बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से बकावंड विकासखंड के जयबेल एवं बकावंड क्लस्टर में बिहान और ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया (TRI) द्वारा अलग-अलग दो-दो दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शिक्षा (Education Change Vector – ECV) बदलाव दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बदलाव दीदियों को प्रोत्साहित करना और क्षमता का विकास करना तथा उन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार करना था।प्रत्येक क्लस्टर में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विद्यालय, ग्राम पंचायत एवं ग्राम संगठन (VO) की शिक्षा व्यवस्था में भूमिका, जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय के महत्व को विस्तार से समझाया गया।
साथ ही इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि किस प्रकार समुदाय की सक्रिय भागीदारी से विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सीखने का बेहतर वातावरण तथा ड्रॉपआउट की समस्या को कम करने की दिशा में प्रशिक्षण किया गया हैं।प्रशिक्षण के समापन पर सभी बदलाव दीदियों ने शिक्षा के क्षेत्र में सामुदायिक नेतृत्व को मजबूत करने के लिए दृढ़ संकल्प लिया।
उन्होंने अपने-अपने गांवों में माता समिति का गठन करने तथा इस पहल को प्रत्येक ग्राम पंचायत तक विस्तारित करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के गठन एवं प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाने और विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई।
एक अन्य महत्वपूर्ण संकल्प के तहत सभी दीदियों ने ‘हर घर में बच्चों के लिए शिक्षा का एक विशेष कोना’ बनाने की पहल को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य घर पर बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना, उनमें नियमित अध्ययन की आदत विकसित करना तथा अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक और सहभागी बनाना है।इस पहल का उद्देश्य शिक्षा को केवल विद्यालय तक सीमित न रखते हुए इसे विद्यालय, परिवार, ग्राम पंचायत और पूरे समुदाय की साझा जिम्मेदारी बनाना है, ताकि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग एवं TRI के मार्गदर्शन में आयोजित ये प्रशिक्षण कार्यक्रम बकावंड क्षेत्र में समुदाय आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय नेतृत्व और सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।