ग्रामीणों को विधिकअधिकारों एवं कानूनी दायित्वों की दी गई जानकारी

जगदलपुर, 02 नवंबर 2026/ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देशन में 01 नवंबर 2026 को विकासखंड लोहण्डीगुड़ा के ग्राम तीरथा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला न्यायाधीश उदयलक्ष्मी सिंह एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवप्रकाश त्रिपाठी द्वारा ग्रामीणों को विभिन्न विधिक प्रावधानों, उनके अधिकारों तथा कानूनी संरक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

न्यायिक अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि किसी व्यक्ति को कानून की जानकारी न होना उसे कानून के उल्लंघन के कानूनी परिणामों से मुक्त नहीं करता। इसलिए विधिक जागरूकता का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को प्रचलित कानूनों, उनके अधिकारों एवं दायित्वों की जानकारी प्रदान करना है, ताकि नागरिक कानून का पालन करते हुए स्वयं को तथा समाज को अपराधों से सुरक्षित रख सकें।

शिविर के दौरान ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं विधिक सलाह की उपलब्धता के संबंध में विस्तार से बताया गया। उन्हें अवगत कराया गया कि आर्थिक अथवा अन्य सामाजिक कारणों से कोई भी व्यक्ति न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

इसके अतिरिक्त बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इसकी रोकथाम में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए बच्चों के प्रति होने वाले लैंगिक अपराधों, उनके संरक्षण तथा ऐसी घटनाओं की सूचना देने की कानूनी प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

इसी क्रम में मोटर यान अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए यातायात नियमों के पालन, वाहन चलाते समय आवश्यक सावधानियों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के महत्व को समझाया गया। शिविर के दौरान ग्रामजनों ने वाहन चालन अनुज्ञप्ति (ड्राइविंग लाइसेंस) बनवाने एवं वाहनों का बीमा कराने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों से न्यायिक अधिकारियों को अवगत कराया।

इस पर उपस्थित थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि वे इस संबंध में विशेष अभियान संचालित कर ग्रामजनों को वाहन चालन अनुज्ञप्ति बनवाने एवं वाहनों का बीमा कराने की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि ग्रामीणों को इन सुविधाओं का लाभ सहजता से मिल सके तथा वे यातायात संबंधी वैधानिक प्रावधानों का पालन कर सकें।

न्यायिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने अधिकारों एवं कानूनी दायित्वों के प्रति जागरूक रहें तथा किसी भी विधिक समस्या अथवा विवाद की स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध सहायता एवं सलाह का लाभ उठाएं।

शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता का विस्तार करना तथा आमजन तक न्यायिक एवं विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना रहा।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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