 दिनांक: 3 जून 2025
 स्थान: कलेक्टर कार्यालय, जगदलपुर
 रिपोर्ट: ऋषभ कुमार
 हमसे जुड़ें WhatsApp चैनल पर

जगदलपुर – देश के भविष्य को संवारने वाले शिक्षकों के साथ प्रशासनिक लापरवाही का शर्मनाक उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित युक्तियुक्तकरण (समायोजन) काउंसलिंग में पहुंचे सैकड़ों शिक्षक और शिक्षिकाओं को बैठने के लिए न तो पंखे की व्यवस्था थी और न ही कूलर की। वहीं दूसरी ओर, अधिकारी एसी कमरों में ठंडी हवा में बैठे आदेश दे रहे थे।

इस काउंसलिंग में कई महिला शिक्षक छोटे बच्चों को साथ लेकर आई थीं। भीषण गर्मी में खुले हाल में बैठना उनके लिए किसी सजा से कम नहीं था। एक शिक्षिका ने नाराजगी जताते हुए कहा:

> “गर्मी से बुरा हाल है, पसीने-पसीने हो गए हैं। लेकिन अधिकारी आराम से एसी में बैठकर आदेश दे रहे हैं। यही है शिक्षकों की इज्जत?”

❓ प्रशासन के पास शिक्षक सम्मान की जगह नहीं?

एक तरफ सरकार शिक्षकों को राष्ट्र निर्माता बताती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे हालातों में बैठाकर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई जाती है। क्या यही है “सम्मानजनक व्यवस्था”?

गर्मी में तड़पते शिक्षक, व्यवस्था विहीन हाल और दूसरी ओर एसी-कूलर में बैठकर आदेश देते अफसर – यह दृश्य पूरे जिले के लिए एक काली तस्वीर है।

 सवाल यही है…

क्या शिक्षकों की गरिमा अब कागजों तक ही सीमित रह गई है?

क्या आम जनता को यूं ही तड़पने के लिए छोड़ा जाएगा?

प्रशासन के लिए क्या केवल अधिकारी ही ‘मानव’ हैं, बाकी जनता नहीं?

 अगर यह हाल शिक्षकों का है, तो आम नागरिकों का क्या होगा?

 यह खबर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग जिला प्रशासन की संवेदनहीनता पर जमकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

 आपकी राय क्या है? क्या ऐसे अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए?
✍️ कमेंट करें और शेयर करें – ताकि ये आवाज़ ऊपर तक पहुंचे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply