रिपोर्ट: ओम साहू
WhatsApp चैनल: The Eagle Eye news
> “जब बिहार में ड्रग इंस्पेक्टर के घर 5 बोरे नोट मिले और सरकार ने बर्खास्त कर दिया… तो सवाल उठता है – छत्तीसगढ़ में कब बजेगा ईमानदारी का डंका?”
बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पटना के तत्कालीन औषधि निरीक्षक जितेन्द्र कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया। उनके पास से 4 करोड़ रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर, दर्जनों संपत्ति के कागजात और लग्जरी कारें बरामद हुईं। नोट गिनने की मशीनें तक जवाब दे गईं – बैंक के कर्मचारी बुलाने पड़े।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि छत्तीसगढ़ में ड्रग विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर कब होगी सख्त कार्रवाई?
जगदलपुर समेत छत्तीसगढ़ के कई ज़िलों में वर्षों से जारी रिश्वतखोरी, अवैध वसूली और फर्जी इंस्पेक्शन की शिकायतों पर प्रशासन चुप क्यों है?
जब बिहार जैसे राज्य में भ्रष्टाचार पर इतना बड़ा एक्शन हो सकता है, तो छत्तीसगढ़ में अब तक चुप्पी क्यों?