दिनांक: 18/09/2025 | रिपोर्ट: ओम साहू

जगदलपुर से रिपोर्ट: प्रदेश के किसान आज खाद की कालाबाजारी, बिजली कटौती और नहरों के पानी की कमी से गंभीर रूप से व्यथित हैं। ये समस्याएँ इतनी विकराल हो चुकी हैं कि खेतों में सिंचाई और फसल रोपाई बाधित होती जा रही है।
किसानों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त सी दिख रही है — अधिकारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं और भ्रष्टाचार चरम पर है। ऐसे में राज्य का किसान आर्थिक संकट की तरफ धकेला जा रहा है।
किसानों की प्रमुख समस्याएँ
- खाद की कालाबाजारी: खाद उपलब्ध नहीं हो रही; काले बाजारी दाम व भंडारण की कमी।
- बिजली कटौती: नियमित कटौती से पम्प चलाने में कठिनाई।
- नहरों का पानी: अंतिम गाँवों तक पानी नहीं पहुँच रहा — सिंचाई प्रभावित।
- MSP व फसलों की खरीद: किसानों को समय पर उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
किसानों की माँगें (तत्काल)
- खाद की कालाबाजारी पर पूर्ण रोक व सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
- बिजली कटौती तुरंत बंद की जाए तथा घरेलू बिजली पर हाफ बिल योजना पुनः लागू की जाए।
- नहरों के जल प्रबंधन को दुरुस्त कर अंतिम गाँवों तक पानी पहुँचना सुनिश्चित किया जाए।
- फसल का MSP समय पर व पारदर्शी तरीके से दिया जाए।
- भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई और दोषियों के विरुद्ध FIR/अन्य कानूनी कदम उठाए जाएँ।
अनुशंका: यदि शीघ्र राहत नहीं मिली, तो भारतीय किसान संघ बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
“किसान छत्तीसगढ़ का दिल है — उसकी फिक्र न हो, तो राज्य की उन्नति संभव नहीं।”
आप इस पत्र/प्रस्ताव को संक्षेप रूप में मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज सकते हैं और संबंधित विभागों से तात्कालिक जवाब मांगा जाना चाहिए।
पत्र भेजने हेतु (संदर्भ):
भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश
प्रदेश अध्यक्ष

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प्रकाशित — cgpahat.in