रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

बस्तर रेंज के बीजापुर जिले से नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी और निर्णायक सफलता सामने आई है…
24 मार्च 2026, जगदलपुर/ डीकेएसजेडसी सदस्य और साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो के इंचार्ज पाप्पा राव ने अपने 17 साथियों के साथ सरेंडर कर दिया है। यह सभी कैडर हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा के साथ सरकार के सामने आए हैं।
इस समूह में डीवीसीएम प्रकाश मड़वी और अनिल ताती सहित कुल 18 नक्सली शामिल हैं, जिनमें 7 महिला कैडर भी हैं। सरेंडर प्रक्रिया के तहत ये सभी एके-47 राइफल समेत अन्य आधुनिक हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपेंगे।

24 मार्च 2026 को हुई यह घटना बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट मानी जा रही है। दंडकारण्य क्षेत्र के इतिहास में पहली बार नक्सली संगठन प्रभावी रूप से नेतृत्वविहीन हो गया है।
सरकार के “नक्सल मुक्त बस्तर” के संकल्प को इससे और मजबूती मिली है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से रही शांति और विकास की उम्मीद अब साकार होती नजर आ रही है।
फिलहाल, प्रशासन को उम्मीद है कि बाकी बचे छोटे-छोटे समूहों में सक्रिय नक्सली भी जल्द ही हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटेंगे।
इन सभी 18 कैडरों के पुनर्वास और मुख्यधारा में शामिल करने की औपचारिक प्रक्रिया आने वाले दिनों में पूरी की जाएगी।
संपादक –ऋषभ कुमार
मो.–6266449977