रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 28 मई 2026/ मासिक धर्म को लेकर समाज में व्याप्त झिझक को दूर करने और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता जगाने के उद्देश्य से आज जगदलपुर में एक अनूठा और अनुकरणीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बस्तर तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार 28 मई को सेन्ट्रल जेल जगदलपुर में “पीरियड पर खुलकर” थीम के साथ मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया गया।

यह विशेष कार्यक्रम जेल में सजा काट रही लगभग 150 महिला कैदियों के बीच आयोजित किया गया, जिसमें जेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और स्टाफ सहित स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला संगठन आयुक्त श्री दसरू राम यादव, जिला प्रशिक्षण आयुक्त श्री जेपी पाठक, जिला सचिव श्री लिलेश कुमार देवांगन एवं गाइड कैप्टन इन्द्रो टेकाम ने सक्रिय रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस कार्यक्रम के शुरुआत में महिला कैदियों के बीच इस विषय को लेकर थोड़ी असहजता और हिचकिचाहट महसूस की गई, लेकिन जब गाइड कैप्टन और जिला सचिव ने बेहद आत्मीयता से इस विषय को उनके व्यावहारिक जीवन से जोड़ा, तब महिलाएं धीरे-धीरे खुलकर अपनी बात रखने लगीं। इसी क्रम में महिला कैदी पदमा ने पहली बार गोंडी भाषा में अपने प्रथम मासिक धर्म के अनुभव और उस समय की मानसिक स्थिति को साझा किया। उनके आगे आने के बाद करीब 10 से 15 अन्य महिलाओं ने भी साहस दिखाते हुए पहली बार पीरियड आने के दौरान होने वाली शारीरिक दिक्कतों और विभिन्न सामाजिक-पारिवारिक चुनौतियों के बारे में खुलकर बातचीत की। इस प्रेरक संवाद ने वहां उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया।

इस सफल आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों को तोड़ना और इस बात को स्थापित करना है कि मासिक धर्म से केवल महिलाएं ही प्रभावित नहीं होतीं, बल्कि इसमें पुरुष वर्ग की जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। वक्ताओं ने इस बात पर विशेष बल दिया कि यदि पुरुष इस विषय के प्रति जागरूक और संवेदनशील होंगे, तो घरों में मां, बहन और बेटी के रूप में रह रही महिलाओं को इन दिनों होने वाले शारीरिक व मानसिक कष्ट के दौरान एक बेहद सकारात्मक और सहायक माहौल मिल सकेगा। इसके साथ ही, जिला संगठन आयुक्त श्री दसरू यादव द्वारा जेल की महिला कैदियों को मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के व्यावहारिक तौर-तरीके सिखाए गए।
कार्यक्रम के समापन पर जिला प्रशिक्षण आयुक्त श्री जेपी पाठक ने जेल में इस तरह के संवेदनशील और शिक्षाप्रद आयोजन की अनुमति देने के लिए जेल प्रशासन एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बस्तर तथा यूनिसेफ का यह साझा जागरूकता अभियान लगातार गति पकड़ रहा है, जिसके तहत बीते 27 मई को ‘नई उड़ान’ समर कैंप में भी युवाओं के बीच ऐसा ही एक कार्यक्रम किया गया था। उस कैंप में संस्था के फाउंडर श्री धीरज कश्यप, गाइडर भूमिका और उनके सहयोगियों द्वारा इस विषय पर बेबाकी से चर्चा की गई थी। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में गिरधर रावटे, सुमित्रा कश्यप, पूनम गुप्ता, जयंती लोहाना इत्यादि का विशेष योगदान रहा है, और इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आगामी जून के महीने में बस्तर जिले के सभी ब्लॉकों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।