रिपोर्ट ऋषभ कुमार

सुकमा 04 मई 2025/
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण में गंभीर अनियमितता पाए जाने के बाद राज्य शासन द्वारा सुकमा जिले में सख्त कार्रवाई की गई है। जिला वनमंडलाधिकारी, सुकमा को निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुए गिरफ्तारी की गई है।

प्रकरण में 11 प्राथमिक वनोपज समितियों के प्रबंधकों को कार्य से पृथक कर दिया गया है, वहीं उनके संचालक मंडलों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। संबंधित नोडल अधिकारियों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

भुगतान विवरण:
सीजन वर्ष 2021 के लिए जिला यूनियन, सुकमा अंतर्गत 31,356 संग्राहकों को 4.53 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2022 के लिए 18,918 संग्राहकों को 3.32 करोड़ रुपये प्रोत्साहन पारिश्रमिक दिया जाना था। इनमें से वर्ष 2021 के 10,131 संग्राहकों को 1.38 करोड़ तथा वर्ष 2022 के 5,739 संग्राहकों को 74 लाख रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।

शेष संग्राहकों के बैंक खाते उपलब्ध न होने की स्थिति में नगद भुगतान की अनुमति दी गई थी, जिसकी राशि जिला यूनियन को हस्तांतरित की गई। हालांकि, जिन 11 समितियों में वितरण नहीं हुआ उनमें शामिल हैं: सुकमा, फूलबगड़ी, दुब्बाटोटा, जगरगुण्डा, मिचीगुड़ा, बोड़केल, कोंटा, जग्गावरम, गोलापल्ली, किस्टाराम और पालाचलमा।

इन समितियों के अंतर्गत जिन संग्राहकों को प्रोत्साहन राशि प्राप्त नहीं हुई है, उनकी वास्तविक संख्या का परीक्षण किया जा रहा है। स्थिति स्पष्ट होते ही पात्र संग्राहकों को भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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