कानून को ताक पर रख प्रशासनिक कार्यालयों के 100 मीटर के दायरे में धड़ल्ले से चल रही तंबाकू की दुकानें
️ जगदलपुर, 27 जून 2025।
एक ओर जिला प्रशासन कोटपा एक्ट 2003 के तहत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान व तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए टास्क फोर्स गठित कर चालानी कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खुद कोतवाली थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने खुलेआम गुटखा, सिगरेट, खैनी और अन्य तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं।
कोटपा एक्ट (COTPA Act) की धारा 6(b) क्या कहती है?
> ❌ किसी भी शैक्षणिक, सरकारी या स्वास्थ्य संस्था से 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचना कानूनन प्रतिबंधित है।
लेकिन जगदलपुर में कानून की यह धारा शायद खुद प्रशासनिक परिसरों पर लागू नहीं होती।
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स्थानीय हालात क्या कहते हैं?
कोतवाली थाना के बाहर, सड़क किनारे गुटखा और सिगरेट की दुकानें वर्षों से चल रही हैं।
एसपी ऑफिस के सामने भी खुलेआम पैकेट में सिगरेट और गुटखा बेचे जा रहे हैं।
दुकानदारों को न तो कभी नोटिस मिला, न कोई चालानी कार्रवाई हुई।
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❓ प्रशासन की दोहरी नीति पर सवाल
हाल ही में दंतेश्वरी कॉलेज, बस स्टैंड, कलेक्टर कार्यालय आदि क्षेत्रों में चालानी अभियान चलाया गया।
वहीं जहाँ से पूरे जिले की कानून व्यवस्था संचालित होती है – उसी के द्वार पर कानून की धज्जियाँ उड़ रही हैं।
️ “जब पुलिस स्टेशन और एसपी ऑफिस के सामने गुटखा बिकेगा, तो बाकी शहर में रोक लगाने का क्या औचित्य?”
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吝 अब क्या करें?
✅ जिला प्रशासन को चाहिए कि पहले खुद के संस्थानों से शुरुआत करे।
✅ इन सभी दुकानों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
✅ 100 मीटर दायरे की स्पष्ट सीमांकन कर सार्वजनिक सूचना लगाई जाए।
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रिपोर्ट: Rishabh Kumar
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️ Disclaimer
यह रिपोर्ट कोटपा एक्ट 2003, स्वास्थ्य सुरक्षा और जनहित से संबंधित विषयों पर आधारित है। इसमें उल्लिखित स्थान और घटनाएं प्रत्यक्ष रूप से देखी गईं या नागरिकों द्वारा प्राप्त शिकायतों पर आधारित हैं।
हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति, विभाग या संस्था की छवि को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि कानून के पालन और तंबाकू नियंत्रण जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रशासन और समाज को जागरूक करना है।
यदि किसी को इस विषय में आपत्ति हो, तो वे संपादक से संपर्क कर तथ्य प्रस्तुत कर सकते हैं।