जगदलपुर।
वन्य जीव अपराधों पर नकेल कसने के लिए छत्तीसगढ़ के वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विलुप्त प्रायः वन्य जीव पेंगोलिन की छाल (स्केल्स) की तस्करी कर रहे दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी बीजापुर जिले के निवासी हैं, जिनसे करीब 13 किलो पेंगोलिन स्केल्स बरामद की गई है।

मुखबिर से सूचना मिलने पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्रीनिवास राव, वनमंडलाधिकारी बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता के निर्देशन में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता एवं बस्तर वनमंडल की संयुक्त टीम ने जगदलपुर शहर के परपा क्षेत्र में दबिश दी। दोनों आरोपियों को घर से रंगे हाथों पेंगोलिन स्केल्स के साथ गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पामेड़ अभयारण्य और इंद्रावती टाइगर रिजर्व से स्केल्स एकत्र किए थे और जगदलपुर में ग्राहक तलाश रहे थे। पूछताछ के दौरान अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की भी जानकारी मिली है, जिसे ध्वस्त करने के लिए विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उनके विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में राज्य स्तरीय उड़नदस्ता से
संदीप सिंह (सहायक वन संरक्षक), राजेंद्र निराला, गजेंद्र पटेल (वनरक्षक)
और बस्तर वनमंडल से
योगेश कुमार रात्रे (सहायक वन संरक्षक), देवेंद्र सिंह वर्मा, सौरभ रजंक, प्रशिक्षु ACF रविंद्र धीरही, हेमलता देव, सृष्टि ठाकुर, अक्षय कश्यप, विवेक जायसवाल, सुमित साहा एवं डॉ. प्रीतेपण पांडे समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देशों के बाद लगातार वन अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीवों की तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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