कब होगी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई? रिपोर्ट: ओम साहू
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बस्तर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGYSY) के तहत लाखों-करोड़ों की लागत से ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली सड़कें और पुल बनाए जा रहे हैं। लेकिन ज़मीनी सच्चाई यह है कि घटिया निर्माण और मेंटेनेंस में भ्रष्टाचार के कारण यह सड़कें आज ग्रामीणों के लिए हादसों की वजह बन चुकी हैं।
घटिया सड़क निर्माण
ग्राम पंचायत अडावाल से कोलचुर के बीच की सड़क, जो टकरागुड़ा गांव होते हुए NH-30 से जुड़ती है, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों से भरी है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग फिसलकर घायल हो रहे हैं।
घटिया पुल निर्माण
इसी मार्ग में बना पुल भी घटिया सामग्री से बनाया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुल में दरारें पड़ गई हैं और बरसात में पुल के ऊपर से पानी बहने लगता है। इससे कई बार वाहन फिसल जाते हैं और दुर्घटना होती है।
विभाग और ठेकेदार पर सवाल
ग्रामीणों ने साफ आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और विभाग के इंजीनियरों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जाती है और सारा बजट बंदरबांट हो जाता है।
सवाल यह है कि आखिर ठेकेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? विभाग के जिम्मेदार अधिकारी किसकी शह पर आंखें मूंदे बैठे हैं?
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ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि: ✅ घटिया निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच हो
✅ ठेकेदार पर ब्लैकलिस्ट और एफआईआर हो
✅ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए
✅ सड़क और पुल की तुरंत मरम्मत कराई जाए
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जिम्मेदार कौन? कब होगी कार्रवाई?
ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर समय रहते इस भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगी तो एक बड़ा हादसा प्रशासन की लापरवाही से ही होगा।
> “हम जान जोखिम में डालकर कब तक चलेंगे? विभाग चुप क्यों है?” — ग्रामीण
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️ आपकी आवाज़ दबने न दें!
अगर आपके गांव में भी घटिया निर्माण, भ्रष्टाचार या अफसरों की मिलीभगत हो — हमें बताएं। रिपोर्ट: ओम साहू, 9926750985
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