रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

अनन्या कृषि केंद्र के निजी गोदाम में हुई उर्वरक चोरी, प्रशासनिक नाकामी की बड़ी मिसाल

खाद की कीमतों में 40% की बढ़ोतरी से किसान बेहाल, उड़ीसा से ब्लैक में खरीदने को मजबूर

बड़ी-बड़ी डींगें हांकने वाली भाजपा सरकार किसानों को धान का ₹4000 समर्थन मूल्य दे

25 जून 2026 , जगदलपुर/ राजीव भवन जगदलपुर में ग्राम नानगुर में उर्वरक की चोरी को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता को सात सदस्यी जांच समिति, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी व शहर महामंत्री अभिषेक नायडू की उपस्थिति में पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने संबोधित करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के राज में कृषि क्षेत्र पूरी तरह संकट में है और किसानों के साथ खुलेआम अन्याय हो रहा है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।



      पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने उर्वरक घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए बताया कि ‘अनन्या कृषि केंद्र’ के निजी गोदाम को कृषि विभाग द्वारा अनियमितताओं के चलते सील किया गया था। लेकिन घोर लापरवाही और प्रशासनिक नाकामी का परिचय देते हुए, पंचनामा बनाकर वह गोदाम उन्हीं आरोपियों के सुपुर्द कर दिया गया, और इसकी भनक पुलिस विभाग तक को नहीं लगने दी गई । उन्होंने आंकड़ों के साथ खुलासा कर कहा  कि:गोदाम में रखी 338 बोरी पोटाश का कोई वैध दस्तावेज नहीं था।1320 बोरी यूरिया को रिपा गोठान में रखा गया था, जो सीलबंद था।आरोपियों ने बेखौफ होकर इस सरकारी सील को तोड़ा और पूरी खाद को अवैध रूप से बाजार में बेच दिया।

      जैन ने कहा कि इस पूरे घोटाले को दबाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन जैसे ही कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए अपनी समिति गठित की, कृषि विभाग की नींद टूटी। कांग्रेस जांच समिति के दबाव में आकर विभाग ने आनन-फानन में जांच दल बनाया और एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। मामले में दो लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अनन्या कृषि केंद्र के संचालक का लाइसेंस निरस्त किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर विभाग अब तक किस दबाव में शांत बैठा था?

    पत्रकार वार्ता में रेखचंद जैन ने किसानों की आर्थिक बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों की कीमतों में 40 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि कर दी गई है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर खाद की भारी किल्लत के कारण किसानों की फसलों पर संकट मंडरा रहा है और वे पड़ोसी राज्य उड़ीसा से ब्लैक (कालेबाजार) में खाद खरीदने को मजबूर हैं।


       पूर्व विधायक ने भाजपा सरकार को ‘किसान विरोधी’ बताते हुए कहा कि सरकार केवल कागजों और बयानों में बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है। आज प्रदेश का किसान कृषि संकट, पेट्रोल-डीजल की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों व अभूतपूर्व महंगाई से त्रस्त है। भाजपा सरकार को इन बुनियादी मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।


     जैन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग है कि बड़ी-बड़ी डींगें हांकने वाली भाजपा सरकार किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कना बंद करे और तत्काल किसानों को राहत देते हुए आगामी धान खरीदी के लिए ₹4000 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य की राशि देने की घोषणा करे।

इस दौरान महामंत्री विजय सिंह,प्रशांत जैन, ब्लॉक अध्यक्ष फूलसिंह बघेल, रविशंकर तिवारी,दयाराम कश्यप,लता निषाद,एस नीला,मोहसिन खान आदि मौजूद रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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