रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

26 जून 2026, बिलासपुर। जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई रतनपुर तहसील में हुई, जहां लालपुर पटवारी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। वहीं दूसरी कार्रवाई मस्तूरी क्षेत्र में की गई, जहां सीएसपीडीसीएल (विद्युत विभाग) के बाबू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
पहले मामले में रतनपुर निवासी अशोक अग्रवाल ने ACB बिलासपुर इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्होंने अपनी लालपुर स्थित जमीन के नक्शा बंटांकन के लिए लगभग एक वर्ष पहले तहसीलदार रतनपुर के यहां आवेदन दिया था। इस कार्य के लिए तहसीलदार द्वारा लालपुर पटवारी भानु चंद्राकर को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
“आरोप है कि पटवारी भानु चंद्राकर ने कार्य करने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। एसीबी द्वारा सत्यापन के दौरान यह बात सही पाई गई। बाद में मोलभाव के बाद 25 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई और 25 जून को प्रार्थी को रिश्वत की राशि लेकर तहसील कार्यालय रतनपुर भेजा गया।
जैसे ही पटवारी ने 25 हजार रुपये की राशि ली, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई। इसके बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।”