रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

कलेक्टर विश्वदीप बोले— कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, शिक्षक-पालक मिलकर गढ़ें उज्ज्वल भविष्य

बीजापुर, 26 जून 2026/नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ को उत्सव का स्वरूप देते हुए भोपालपटनम में ब्लॉक स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का भव्य आयोजन स्वर्गीय राजेंद्र पामभोई क्रिकेट स्टेडियम में किया गया। पूरे विकासखंड से पहुंचे शिक्षक-शिक्षिकाओं, पालकों, शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने कार्यक्रम को शिक्षा, नवाचार और जनभागीदारी का प्रेरक उत्सव बना दिया।



समारोह में नवप्रवेशी बच्चों का बाजा-गाजा, फूल-मालाओं और तालियों की गूंज के बीच आत्मीय स्वागत किया गया। कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों को स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें एवं गणवेश प्रदान कर औपचारिक रूप से विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया। आयोजन स्थल पर आकर्षक सेल्फी जोन भी बनाया गया था, जहां बच्चों, पालकों और शिक्षकों ने इस यादगार पल को कैमरे में कैद किया।

कार्यक्रम में कलेक्टर श्री विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नम्रता चौबे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पाण्डेय सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

अपने प्रेरक संबोधन में कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि शिक्षक ही समाज और राष्ट्र निर्माण की वास्तविक नींव हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का आधार है और प्रत्येक शिक्षक को अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना चाहिए। पालकों को संबोधित करते हुए उन्होंने आह्वान किया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही परिवार, समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। शिक्षक, पालक और जनसहभागिता के माध्यम से प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए अनुशासन, नियमित अध्ययन और शिक्षा के प्रति समर्पण का संदेश दिया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान समय का शैक्षणिक वातावरण पहले की अपेक्षा कहीं अधिक सकारात्मक और प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब बच्चे स्कूल जाने में संकोच करते थे, लेकिन आज उनके चेहरों पर शिक्षा के प्रति उत्साह और खुशी स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए शिक्षा विभाग एवं सभी सहयोगियों को बधाई दी।

कार्यक्रम में शैक्षणिक उत्कृष्टता को भी सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में प्रत्येक विद्यालय के टॉप-2 विद्यार्थियों सहित कुल 42 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। वहीं कक्षा 5वीं एवं 8वीं के टॉप-10 विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।

समारोह की विशेष उपलब्धि यह रही कि पहली बार पालकों एवं शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। प्रत्येक संकुल से एक उत्कृष्ट शिक्षक, उत्कृष्ट पालक, उत्कृष्ट एसएमसी सदस्य, रसोइया, भृत्य तथा स्वीपर को सम्मानित कर शिक्षा व्यवस्था में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की गई। यह पहल शिक्षा में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी गई।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बनाया। पूर्व माध्यमिक शाला देपाला, केजीबीवी भोपालपटनम, सेजेस संगमपल्ली एवं तारलागुड़ा के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमुदाय का मन मोह लिया। कार्यक्रम में करीब 50 नवप्रवेशी बच्चों का विशेष स्वागत किया गया। साथ ही शाला प्रबंधन समितियों के अध्यक्षों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष रिंकी कोरम, जनपद सदस्य तनुजा कुम्मर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, खंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, संकुल समन्वयक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन संजय चिंतुर, मकबूल अहमद एवं श्रीनिवास एटला ने किया।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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