रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 10 जुलाई 2026/ जगदलपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत घाटपदमुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम नेगीगुड़ा में पीलिया (जॉन्डिस) फैलने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी तरह सजग होकर रोकथाम एवं उपचार सेवाएं प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय बसाक के मार्गदर्शन में प्रभावित क्षेत्र में युद्ध स्तर पर राहत और उपचार कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों द्वारा प्रभावित ग्रामीणों की निगरानी की जा रही है।



        इस मौसमी बीमारी को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की दो विशेष टीमें लगातार क्षेत्र में डटी हुई हैं, जिन्होंने व्यापक अभियान चलाते हुए कुल 377 घरों का सघन सर्वे पूरा किया है। सर्वे के दौरान सामने आए संभावित पीलिया के मरीजों को तत्काल आवश्यक उपचार और उचित चिकित्सीय सलाह दी गई। इसके साथ ही मितानिन दीदियों की मदद से हर घर में क्लोरीन टैबलेट, जिंक की गोलियां और ओआरएस पाउडर का वितरण किया गया है ताकि बीमारी के फैलाव को रोका जा सके। संक्रमण के मुख्य स्रोत को खत्म करने के उद्देश्य से क्षेत्र में मौजूद पानी के कुओं में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और वितरण भी किया गया है।



       पीलिया फैलने के मुख्य कारण यानी दूषित जल की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पानी के सैंपल एकत्रित कर जांच हेतु लैब भेज दिए हैं। सीएमएचओ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर प्रभावित क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पानी के सभी स्रोतों की त्वरित सफाई कराने कहा है।

       इस पूरे रोकथाम एवं उपचार अभियान में क्षेत्र की चिकित्सा दल के साथ ही स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन दीदियां पूरी सक्रियता से जुटी हुई हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से जगदलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, महामारी नियंत्रण के नोडल अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कुम्हरावंड डॉ. वीरेंद्र ठाकुर, नानगुर के प्रभारी बीएमओ डॉ. आरएस भंवर और एपिडिमोलॉजिस्ट दीपक पाणिग्रही उपस्थित रहे। सीएमएचओ डॉ. बसाक ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी तरह से न घबराएं और सतर्कता बरतें। विभाग ने सभी को पानी हमेशा उबालकर और छानकर ही पीने की सलाह दी है, साथ ही यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को उल्टी, दस्त या आंखों और पेशाब में पीलापन जैसे लक्षण दिखें, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य शिविर या मितानिन दीदी से संपर्क कर अपना इलाज शुरू करवाएं।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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