रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

सोलर रूफटॉप से मिली ऊर्जा आत्मनिर्भरता, 3 किलोवाट सोलर प्लांट और योजना के तहत शासन से मिली सब्सिडी
जगदलपुर, 11 जुलाई 2026/ प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना बस्तर के परिवारों के लिए आर्थिक राहत का माध्यम बन रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण हैं जिले के तेलीमारेंगा निवासी हितग्राही रघुचंद कर्रे, जिन्होंने योजना के तहत अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर न केवल बिजली के बढ़ते खर्च से मुक्ति पाई, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाया।
रघुचंद कर्रे बताते हैं कि पूर्व से बिजली के उपभोक्ता है, सोलर प्लांट लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग डेढ़ हजार रूपए आता था। हर महीने बिजली बिल का भुगतान उनके परिवार के बजट पर अतिरिक्त बोझ बनता था। जब उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने आवेदन कर योजना का लाभ लिया।योजना के तहत उनके घर पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया गया। इसकी स्थापना के साथ ही केंद्र सरकार से एक लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। सोलर संयंत्र शुरू होने के बाद अब उनके घर की अधिकांश बिजली आवश्यकता पूरी हो रही है और उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। सोलर प्लांट से जो बिजली बन रही है वह सीधे बिजली कंपनी को मिल रही है जिससे उन्हें बिजली बिल में कमी के चलते बड़ी राहत मिली है।
रघुचंद कहते हैं, “पहले हर महीने करीब डेढ़ हजार रुपए बिजली बिल देना पड़ता था। अब बिल शून्य हो गया है। सरकार की सब्सिडी से सोलर प्लांट लगाना आसान हो गया और अब हर महीने अच्छी बचत हो रही है। यह योजना हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।”
रघुचंद कर्रे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने आम लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उन्होंने जिले के अन्य नागरिकों से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक बचत सुनिश्चित करती है, बल्कि स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने के लिए सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे परिवारों के बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ देश में अक्षय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है। शासन की मदद से रघुचंद कर्रे की जागरूक पहल इस बात का प्रमाण है कि जनहितकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर आम नागरिक अपने जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला सकते हैं।