रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 12 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सूबेदार, उप निरीक्षक कैडर और प्लाटून कमांडर प्रारंभिक परीक्षा-2024 रविवार को बस्तर जिले में कड़ी सुरक्षा और समुचित व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। कलेक्टर आकाश छिकारा के नेतृत्व में जिला प्रशासन की पुख्ता व्यवस्था के फलस्वरूप सभी 6 परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित समय में परीक्षा आयोजित की गई।
इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार बस्तर जिले में इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए कुल 2,104 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,856 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जबकि 248 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिले का कुल उपस्थिति प्रतिशत 88.21 प्रतिशत रहा, जो प्रतियोगिता के प्रति अभ्यर्थियों के भारी उत्साह को दर्शाता है।
लोक सेवा आयोग की इस परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए जिला मुख्यालय जगदलपुर में 6 प्रमुख शिक्षण संस्थानों को केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री मनीष वर्मा ने बताया कि शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धरमपुरा में सर्वाधिक 450 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 395 उपस्थित रहे और 55 अनुपस्थित दर्ज किए गए। इसी प्रकार पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय धरमपुरा में 304 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 267 ने परीक्षा दी तथा 37 अनुपस्थित रहे।
शासकीय दन्तेश्वरी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय शांति नगर में कुल 300 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 261 उपस्थित और 39 अनुपस्थित रहे। अन्य प्रमुख केंद्रों में शामिल शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोल बाजार में 350 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 314 उपस्थित और 36 अनुपस्थित पाए गए। पुराना गीदम नाका स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नंबर-2 में 400 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 355 ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 45 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसके साथ ही रेलवे कॉलोनी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 300 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 264 उपस्थित रहे तथा 36 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए।
प्रशासन द्वारा परीक्षा से पूर्व ही सभी छह प्रमुख शिक्षण संस्थानों में बैठक व्यवस्था, पेयजल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित कर लिए गए थे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों के प्रभारियों एवं पर्यवेक्षकों के कुशल समन्वय से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रही। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षार्थियों से समय से पूर्व केंद्रों पर पहुंचने की अपील की गई थी, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।