
भाजपा सरकार में जीएसटी की जटिलताओं,बार-बार संशोधनों से देश भर के व्यापारी परेशान, छोटे व्यापारियों का व्यापार ठप
व्यापार जगत की सहमति और अर्थशास्त्रियों के सुझावों के आधार पर लाया जाए जीएसटी का नया एवं सरल स्वरूप
26 जुलाई 2026 जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र की मोदी सरकार से वस्तु एवं सेवा कर (GST) पर जल्द से जल्द एक स्पष्ट, पारदर्शी और व्यापारी-हितैषी नीति लाने की मांग की है।नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा कि जिस प्रकार देश के युवाओं और छात्रों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष किया, उसी तर्ज पर आज देश के व्यापारी वर्ग को भी जीएसटी की जटिलताओं और विसंगतियों के खिलाफ एक बड़े और संगठित आंदोलन की आवश्यकता है।
राजेश चौधरी ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि जीएसटी को लागू हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक इसका वास्तविक और व्यावहारिक स्वरूप न तो व्यापारी समझ पाए हैं और न ही जीएसटी अधिकारी या सलाहकार इसे स्पष्ट रूप से समझा पाने में सक्षम हैं।
बार-बार किए जाने वाले संशोधनों और अस्पष्ट नियमों के कारण देश भर के छोटे एवं मध्यम व्यापारी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई छोटे व्यापारियों का व्यवसाय पूरी तरह बंद हो गया है और वे गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। वहीं बड़े व्यापारी भी इस उलझाव भरी प्रणाली से लगातार परेशान हैं।उन्होंने कहा कि देश का व्यापारी पूरी निष्ठा के साथ टैक्स भरता है और सरकार के नियमों का पालन करता है। ऐसे में सरकार का यह प्राथमिक दायित्व बनता है कि वह व्यापारियों के हितों की रक्षा करे, न कि उन पर जटिल नियमों का बोझ डाले। केंद्रीय वित्त मंत्रालय और सरकार की नीतियों की विफलता के कारण आज व्यापार जगत संकट के दौर से गुजर रहा है।
राजेश चौधरी ने देश के समस्त व्यापारिक संगठनों और व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि जीएसटी स्लैब के सरलीकरण और नीतिगत सुधारों को लेकर एक देशव्यापी आंदोलन का ढांचा तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि व्यापारी वर्ग इस न्यायसंगत मांग को लेकर आगे आता है, तो कांग्रेस पार्टी और देश का युवा वर्ग व्यापारियों के इस आंदोलन का पूरी मजबूती से समर्थन करेगा।
कांग्रेस पार्टी की मांग है कि जीएसटी की दरों, स्लैब और नियमों को सरल व पारदर्शी बनाया जाए ताकि आम व्यापारी इसे आसानी से समझ सके।व्यापार जगत के प्रतिनिधियों, चैंबर ऑफ कॉमर्स और अनुभवी अर्थशास्त्रियों से राय-मशविरा करके उनके सुझावों के आधार पर ही जीएसटी का नया स्वरूप तैयार किया जाए।केंद्रीय मंत्रिमंडल और विशेषकर वित्त मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा की जाए तथा व्यापारियों को राहत देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
राजेश चौधरी ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ही जीएसटी पर व्यापारियों के हित में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी द्वारा आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।