रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, सिक्स लेन सड़क, दूषित जल और समग्र विकास की मांग तेज
जगदलपुर, 29 जुलाई। एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट से प्रभावित ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर बस्तर को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र के लंबित विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2001 में इस्पात संयंत्र की स्थापना के दौरान प्रभावित ग्राम पंचायतों के विकास, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई घोषणाएं की गई थीं, लेकिन वर्षों बाद भी अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए हैं।

📢ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग – सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना को लेकर की गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वर्ष 2008 में अस्पताल बनाने का वादा किया गया था और इसके लिए लगभग 22 एकड़ भूमि भी एनएमडीसी को हस्तांतरित की जा चुकी है, लेकिन अब तक अस्पताल निर्माण की आधारशिला तक नहीं रखी गई।

📢इसके अलावा जगदलपुर-नगरनार मार्ग को सिक्स लेन में परिवर्तित करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि स्टील प्लांट शुरू होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही कई गुना बढ़ गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
👉प्रभावित पंचायतों ने आरोप लगाया कि– एनएमडीसी द्वारा संयंत्र से निकलने वाले दूषित जल के उचित शोधन और पुन: उपयोग की व्यवस्था नहीं की गई है। उनका कहना है कि दूषित जल आसपास के कृषि क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और उन्हें केवल नाममात्र का मुआवजा मिल रहा है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि– भेजापदर, मारकेल-1, मारकेल-2, खमारगुड़ा, गारावंडखुर्द और कलचा जैसे आसपास के गांवों को भी एनएमडीसी प्रभावित ग्राम पंचायतों की सूची में शामिल किया जाए।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मांग की है कि– एनएमडीसी द्वारा किए गए वादों की समीक्षा कर प्रभावित क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन पर कई ग्राम पंचायतों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।