रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

बारिश से पहले मलेरिया, डेंगू और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम की तैयारियों पर जवाब दे महापौर,तत्काल फॉगिंग,दवा छिड़काव और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग


29, जुलाई 2026 ,जगदलपुर। नगर पालिका निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शहर में बारिश के मौसम को देखते हुए मलेरिया, डेंगू एवं अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान महापौर और उनकी टीम की कार्यशैली से यह स्पष्ट दिखाई देता है कि शहर के स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर कोई ठोस कार्ययोजना और स्पष्ट विजन नजर नहीं आ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बारिश शुरू होने से पहले नगर निगम द्वारा शहर के सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाता था। पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर वहां जल निकासी की व्यवस्था की जाती थी तथा नालियों की सफाई कर मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते थे। इसके साथ ही मलेरिया विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मलेरिया निरोधक दवा का छिड़काव भी बारिश से पहले ही प्रारंभ कर दिया जाता था, ताकि बारिश के मौसम में मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के बढ़ते खतरे को नियंत्रित किया जा सके।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस वर्ष भी बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन शहर के अनेक वार्डों में नालियों की नियमित सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों की समुचित व्यवस्था और मलेरिया निरोधक दवा के छिड़काव को लेकर नगर निगम की गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। यदि समय रहते इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

राजेश चौधरी ने कहा कि उनके द्वारा मलेरिया विभाग के संबंधित अधिकारी से संपर्क करने पर उन्हें जानकारी दी गई कि मलेरिया निरोधक दवा जल्द उपलब्ध हो जाएगी। इसके बावजूद, उनके अनुसार, नगर निगम की ओर से अभी तक प्रभावी स्तर पर समन्वय स्थापित कर दवा के छिड़काव की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रत्येक वार्ड में समयबद्ध तरीके से दवा का छिड़काव किया जाना चाहिए, विशेषकर उन स्थानों पर जहां बारिश का पानी जमा होता है और मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक रहती है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में बारिश शुरू होने से पहले ही मलेरिया विभाग से आवश्यक दवा प्राप्त कर वार्ड सुपरवाइजरों को पंप सहित उपलब्ध करा दिए जाते थे, जिससे वार्ड स्तर पर समय पर छिड़काव का कार्य शुरू हो जाता था। लेकिन वर्तमान व्यवस्था में ऐसी सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि महापौर के कार्यकाल की यह दूसरी बारिश है और इसके बावजूद यदि समय रहते आवश्यक तैयारियां नहीं की गईं तो इसका सीधा असर शहर की जनता के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

नेता प्रतिपक्ष ने शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में दूषित पेयजल के कारण डायरिया, टाइफाइड सहित विभिन्न जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नगर निगम को चाहिए कि वह पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करे और जलस्रोतों तथा पाइपलाइन व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित करे। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के कई वार्डों से गंदे या दूषित पानी की शिकायतें सामने आने के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

राजेश चौधरी ने कहा कि शहर में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए केवल मरीज मिलने के बाद उन्हें ढूंढना और उपचार उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। असली जिम्मेदारी यह है कि बीमारी फैलने से पहले ही उसके रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। जलभराव वाले क्षेत्रों की सफाई, नालियों की नियमित सफाई, मलेरिया निरोधक दवा का छिड़काव, नियमित फॉगिंग और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता जैसी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने फॉगिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में वार्डों में नियमित अंतराल पर फॉगिंग कराई जाती थी, लेकिन वर्तमान में कई क्षेत्रों में फॉगिंग का अंतराल काफी अधिक हो गया है। यदि फॉगिंग नियमित रूप से नहीं होगी और मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर दवा का छिड़काव नहीं किया जाएगा तो केवल मरीजों की पहचान करने से बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि आज शहर के अनेक परिवारों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे मौसम में मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा और अधिक बढ़ सकता है। इसलिए नगर निगम को किसी भी प्रकार की लापरवाही किए बिना तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य एवं मलेरिया विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक अभियान चलाना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा कि एक तरफ महापौर लगातार कांग्रेस पार्टी को कोसते रहते हैं, लेकिन दूसरी तरफ अपने कार्यकाल में शहर की समस्याओं का समाधान कराने और आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर लागू कराने में स्वयं सक्षम नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि महापौर और उनकी टीम के पास शहर के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर स्पष्ट विजन होता तो बारिश शुरू होने से पहले ही सभी वार्डों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जातीं।

उन्होंने कहा कि केवल फोटो खिंचवाने और बयान देने से शहर की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। जनता को धरातल पर काम चाहिए। बीमारी फैलने के बाद मरीजों की तलाश करने के बजाय बीमारी को फैलने से रोकने के लिए पहले से तैयारी करना आवश्यक है। नगर निगम को अपनी प्राथमिकताएं तय कर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

राजेश चौधरी ने महापौर और नगर निगम प्रशासन से मांग की कि शहर के सभी वार्डों में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पानी निकासी की व्यवस्था की जाए, नालियों की सफाई कराई जाए, मलेरिया निरोधक दवा का नियमित छिड़काव किया जाए, समयबद्ध तरीके से फॉगिंग कराई जाए तथा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि नगर निगम को स्वास्थ्य विभाग और मलेरिया विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर वार्ड स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए, ताकि मलेरिया और डेंगू के संभावित मामलों की समय पर पहचान हो सके और बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी भी समय है। महापौर और उनकी टीम को अपनी कार्यशैली में सुधार करते हुए शहर की जनता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए आवश्यक सभी कदम तत्काल उठाए जाएं और नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई की नियमित जानकारी जनता के सामने रखी जाए।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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