रिपोर्ट– जय शंकर पांडे

700 मेधावी बच्चों का होगा चयन, नवोदय प्रवेश परीक्षा में सफलता के लिए जिला प्रशासन की ऐतिहासिक पहल
जगदलपुर, 01 अगस्त 2026/ बस्तर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में शासकीय स्कूलों के बच्चों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा एक ऐतिहासिक और अभूमपूर्व पहल की गई है। जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा जिला बस्तर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में शनिवार 01 अगस्त 2026 को जिले के 1526 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 5वीं के समस्त विद्यार्थियों के लिए जिला स्तरीय ओएमआर शीट आधारित ‘महापरीक्षा’ (प्रथम चरण मॉक टेस्ट) का आयोजन किया गया।
इस विशेष महापरीक्षा का आयोजन जिले के समस्त विकासखंडों बस्तर, लोहंडीगुड़ा, तोकापाल, बकावंड, जगदलपुर, दरभा एवं बास्तानार में बनाए गए चिन्हित परीक्षा केंद्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। परीक्षा के सुचारू व पारदर्शी संचालन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल द्वारा प्रत्येक केंद्र में केन्द्राध्यक्षों एवं सहायक केन्द्राध्यक्षों की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी।
इस महा परीक्षा से पूर्व विद्यार्थियों के मन से परीक्षा का भय समाप्त करने और उनका आत्मविश्वास मजबूत करने के उद्देश्य से जिले की सभी प्राथमिक शालाओं में पिछले दस वर्षों के नवोदय प्रवेश परीक्षा के प्रश्न-पत्रों से सघन अभ्यास कराया गया था। इस गहन अभ्यास के फलस्वरूप बच्चों ने बिना किसी झिझक के ओएमआर आधारित परीक्षा पद्धति को समझा और पूरे उत्साह के साथ परीक्षा में भाग लिया।
इस वृहद् अभियान का मुख्य उद्देश्य नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से बस्तर जिले के शासकीय स्कूलों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों का चयन कराना है। आज संपन्न हुई इस महा परीक्षा की ओएमआर शीटों की डिजिटल स्कैनिंग के माध्यम से निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के पश्चात प्रत्येक विकासखंड से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप 100 बच्चों को चिन्हित करते हुए पूरे बस्तर जिले से कुल 700 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।
इन चयनित होनहार बच्चों की तैयारी को और अधिक बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें निःशुल्क प्रैक्टिस किताबें प्रदान की जाएंगी तथा मुख्य प्रवेश परीक्षा आयोजित होने तक इन बच्चों का मनोबल और दक्षता बनाए रखने के लिए प्रत्येक माह एक विशेष प्रैक्टिस टेस्ट का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा। ग्रामीण व वनांचल क्षेत्र की प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में यह पहल एक मील का पत्थर साबित होगी।