रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 03 अगस्त 2026/ राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाने के लिए एक बड़ी पहल की है। विभाग द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स को जारी दिशा-निर्देशों के परिपालन में जिलों में ग्रासरूट टैलेंट आइडेंटिफिकेशन अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला स्तर पर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर होनहार खिलाड़ियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खेल के क्षेत्र में छुपी संभावनाओं को समय रहते सही मंच मिल सके।

          इस विशेष रणनीति के तहत अब केवल खेल विभाग ही नहीं, बल्कि स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, और आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली विकासखंड और जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी संभावित एथलीटों की पहचान की जाएगी। मैदानी स्तर पर सही प्रतिभाओं का चयन सुनिश्चित करने के लिए अन्य विभागों द्वारा आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में जिला खेल अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

         इसके साथ ही पारदर्शी और निरंतर मॉनिटरिंग के लिए खेल अधिकारी प्रत्येक महीने आयोजित होने वाले खेल आयोजनों और उनसे चिन्हित किए गए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की विस्तृत रिपोर्ट खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय को प्रेषित करेंगे। चयनित खिलाड़ियों को न केवल चिन्हित किया जाएगा, बल्कि उन्हें खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था, खेल अकादमियों और विभागीय आर्थिक प्रोत्साहन योजनाओं से जोड़कर उनके प्रदर्शन को निधारा जाएगा। प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यही है कि संसाधनों या मार्गदर्शन के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों का कोई भी उदीयमान खिलाड़ी पीछे न छूटे और सही समय पर मिलने वाले प्रशिक्षण से राज्य के खिलाड़ी भविष्य में पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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