रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन में सादगीपूर्ण मनाई शहीद महेंद्र कर्मा जी की जयंती,पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि


05 अगस्त 2026, जगदलपुर। आज संभाग मुख्यालय जगदलपुर में शहर जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा आज राजीव भवन में ‘बस्तर टाइगर’ के नाम से विख्यात महान जननेता व पूर्व मंत्री स्वर्गीय महेंद्र कर्मा की जयंती सादगीपूर्वक एवं गरिमामय माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य सहित कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने शहीद महेंद्र कर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बस्तर के प्रति अतुलनीय योगदान और संघर्षों को याद किया गया


       शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने शहीद महेंद्र कर्मा के जीवनवृत्त पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा शहीद महेंद्र कर्मा जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि बस्तर की जल, जंगल, जमीन और आदिवासियों के हक के रक्षक थे। उन्होंने जीवन पर्यंत आदिवासियों के संवैधानिक एवं सामाजिक अधिकारों को संरक्षित करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए संघर्ष किया। बस्तर में शांति, भाईचारा और विकास के लिए उनकी दूरदृष्टि आज भी हम सभी का मार्गदर्शन करती है।

     बस्तर में नक्सलवाद अपने चरम पर था, तब महेंद्र कर्मा ने स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासियों को संगठित कर ‘सलवा जुडूम’ (शांति अभियान) का नेतृत्व किया। इस जन-आंदोलन से नक्सली पूरी तरह हतोत्साहित और बौखला गए थे।इसी जन-जागरण अभियान और आदिवासियों को उनका अधिकार दिलाने की लड़ाई के कारण नक्सली लगातार उनके पीछे पड़े रहे। अंततः 25 मई 2013 को झिरम घाटी में हुए कायरतापूर्ण एवं भयावह नक्सली हमले में देश ने बस्तर के इस महान सपूत को खो दिया। वे अंतिम सांस तक बस्तर की जनता के लिए लड़े और अपने प्राणों की आहुति देकर अमर हो गए। किंतु उनके विचार आज भी बस्तर के प्रत्येक नागरिक के हृदय में जीवित हैं। उनके नेतृत्व और जनसेवा के कारण ही उन्हें बस्तर टाइगर के नाम से जाना जाता था।उनकी स्मृतियां सदैव जनसेवा और बस्तर के विकास के लिए प्रेरणा देती रहेंगी।

नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा शहीद महेंद्र कर्मा ने नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई और बस्तर में शांति स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किया। उनके नेतृत्व में चलाए गए सलवा जुडूम आंदोलन के कारण नक्सली संगठन उनसे बेहद हतोत्साहित और नाराज थे। इसी वजह से नक्सलियों ने उन्हें अपना प्रमुख निशाना बनाया। 25 मई 2013 को दरभा घाटी में हुए नक्सली हमले में वे शहीद हो गए। उनकी शहादत बस्तर के इतिहास में हमेशा याद की जाएगी।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अन्य वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भी शहीद महेंद्र कर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। प्रवक्ताओं ने कहा कि शहीद कर्मा का जीवन संघर्ष, साहस और अटूट जनसेवा की मिसाल है। उनके विचार आज भी बस्तर के प्रत्येक नागरिक के हृदय में जीवित हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कांग्रेसजनों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और बस्तर के सर्वांगीण विकास तथा आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहने का संकल्प लिया।

इस दौरान महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, महामंत्री अभिषेक नायडू, गौरनाथ नाग, ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी ,वरिष्ठ कांग्रेसी हनुमान द्विवेदी ,अंगद त्रिपाठी,नरेंद्र तिवारी,मन्नू सेन, राजा खान,एस नीला, मोहसिन खान,सलीम अली,पापिया गाईन,पार्षद रामकृष्ण तिवारी,जस्टिन भवानी, राकेश मौर आदि मौजूद रहे

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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