रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

    कलेक्टर और एस पी को दिया गया ज्ञापन

4 सितम्बर 2026, जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के दौरान राजमहल परिसर में लगाए जाने वाले मीना बाजार को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में स्थानीय नागरिकों की ओर से कलेक्टर, बस्तर को आवेदन सौंपकर मीना बाजार के कारण होने वाली यातायात, सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानियों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है।



आवेदन में कहा गया है कि बस्तर दशहरा केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि बस्तर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रतीक है। दशहरा पर्व के दौरान देश-प्रदेश के साथ ही विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक जगदलपुर पहुंचते हैं। ऐसे में राजमहल परिसर में लगभग पखवाड़े भर तक लगने वाला मीना बाजार आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ा देता है।



तीन वार्डों के रहवासियों को होती है परेशानी

आवेदन के अनुसार राजमहल परिसर से लगे शिव मंदिर वार्ड, भैरमदेव वार्ड और सुभाष वार्ड के रहवासियों को मीना बाजार के कारण प्रतिवर्ष भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। मीना बाजार में आने वाले लोग बड़ी संख्या में अपने वाहन इन वार्डों की गलियों, मुख्य मार्गों तथा स्थानीय रहवासियों के घरों के सामने खड़े कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।



दशहरा की प्रमुख रस्मों के दौरान बढ़ता है दबाव

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दशहरा पर्व की काछनगादी रस्म से लेकर मुरिया दरबार तक बस्तर अंचल के देवी-देवताओं, सेवादारों, मांझी, मुखिया, चालकी, मेंबर-मेंबरिन सहित बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही इन्हीं क्षेत्रों से होती है।

मां दंतेश्वरी मंदिर एवं सिरहासार भवन के आसपास दशहरा की प्रमुख रस्में संपन्न होती हैं। वहीं शहर की अधिकांश दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी मार्ग से होता है।

ऐसे में पहले से ही अत्यधिक भीड़ वाले इन मार्गों पर मीना बाजार की अतिरिक्त भीड़ यातायात व्यवस्था को और चुनौतीपूर्ण बना देती है।
आपात स्थिति में एंबुलेंस के पहुंचने को लेकर चिंता स्थानीय नागरिकों ने आवेदन में गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि यदि दशहरा पर्व के दौरान इन वार्डों में किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती है, दुर्घटना होती है या अन्य किसी आपात स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो भारी भीड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण एंबुलेंस को समय पर पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। आवेदन में दावा किया गया है कि पूर्व में भी ऐसी परिस्थितियों के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ा है।



सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल

मीना बाजार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के साथ असामाजिक तत्वों के जमावड़े, नशाखोरी एवं सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित गतिविधियों की आशंका भी जताई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे आसपास रहने वाले परिवारों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को असुरक्षा एवं असुविधा का सामना करना पड़ता है। आवेदन में पिछले वर्षों में दशहरा पसरा में हुई हत्या तथा मीना बाजार में हुई मारपीट की घटनाओं का भी उल्लेख करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की गई है।

इसके अलावा पूर्व में मीना बाजार में आकाश झूला टूटने से भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित होने का भी हवाला दिया गया है।

व्यवसाय का विरोध नहीं, स्थान को लेकर आपत्ति

आवेदन में स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी भी व्यवसाय, रोजगार या व्यापारिक गतिविधि का विरोध करना नहीं है।

उनकी आपत्ति केवल राजमहल परिसर जैसे ऐतिहासिक एवं अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र में मीना बाजार लगाए जाने को लेकर है।

उनका कहना है कि ऐसा स्थान चुना जाना चाहिए, जहां दशहरा पर्व की धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, स्थानीय नागरिकों के आवागमन और आपातकालीन सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।


अन्यत्र मीना बाजार लगाने की मांग


स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर से मांग की है कि बस्तर दशहरा पर्व की गरिमा, स्थानीय नागरिकों की सुविधा, यातायात व्यवस्था एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मीना बाजार को राजमहल परिसर के बजाय किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर लगाया जाए। उनका कहना है कि इससे दशहरा पर्व के दौरान होने वाली भीड़ और यातायात संबंधी समस्याओं से तीनों वार्डों के रहवासियों सहित शहर की जनता को राहत मिलेगी और पर्व की प्रमुख रस्में भी सुचारू रूप से संपन्न हो सकेंगी।



ज्ञापन के दौरान उपस्थित रहे


कलेक्टर ने गंभीरता से सुनी प्रतिनिधिमंडल की बात, एसपी से चर्चा का दिया आश्वासन
इस संबंध में उत्कल समाज प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी मांग और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं पर सकारात्मक रूप से विचार करते हुए इस मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) से चर्चा करने की बात कही। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन दशहरा पर्व की गरिमा, आम नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारू यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में उचित निर्णय लेगा। उत्कल समाज प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष राजेश दास उपाध्यक्ष मथुरा प्रसाद तिवारी मनोज पटजोशी ,सचिव सुमित महापात्र कोषाध्यक्ष मनोज महापात्र अच्युत सामंत महिला विंग अध्यक्ष अध्यक्षा शुभ्रा दास , निरूपमा दास ‘प्रकाश रावल ,रविंद्र दास आशिष दास, अमृता विश्वकर्मा ,वीणा दास, बासंती दास ,पवन मिश्रा,विजय बेवर्ता एवं समाज के अन्य सदस्य उपस्थित रहे ।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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