रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

नक्सलवाद और धर्मांतरण के खिलाफ डटकर खड़े रहे केदार कश्यप, शिक्षा से लेकर विकास तक बस्तर को दी नई दिशा
7 सितंबर 2026, जगदलपुर। वन मंत्री केदार कश्यप के मंत्री के रूप में 17 वर्ष 9 माह का कार्यकाल पूर्ण होने पर जगदलपुर नगर निगम के महापौर संजय पांडे ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। महापौर ने कहा कि केदार कश्यप का यह लंबा राजनीतिक कार्यकाल केवल सत्ता में बने रहने की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर के लिए संघर्ष, सेवा, विकास और सामाजिक जागरण की एक सशक्त यात्रा है।
महापौर संजय पांडे ने कहा कि जब बस्तर की पहचान को नक्सलवाद, पिछड़ेपन और भय से जोड़कर देखा जाता था, तब केदार कश्यप ने बस्तर की सकारात्मक पहचान को देश के सामने रखने का काम किया। उन्होंने सत्ता में रहते हुए भी जमीन से अपना जुड़ाव बनाए रखा और बस्तर के दूरस्थ गांवों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम किया।
धर्मांतरण के खिलाफ गांव-गांव जनजागरण
महापौर ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान बस्तर के आदिवासी समाज को उसकी मूल सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं से अलग करने के लिए भ्रम और मिथ्या प्रचार का वातावरण बनाया गया। आदिवासी समाज की आस्था और परंपराओं को लेकर भ्रम पैदा किया गया, जिसके चलते समाज का एक वर्ग अपने पारंपरिक पर्वों और धार्मिक आयोजनों से दूर होने लगा।
उन्होंने कहा कि केदार कश्यप ने इस चुनौती को केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं माना, बल्कि सामाजिक दायित्व समझकर गांव-गांव जाकर समाज के बीच संवाद किया। गणेशोत्सव, नवरात्रि, होली, दीपावली और रक्षाबंधन जैसे पर्वों के माध्यम से समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और धर्मांतरण के खिलाफ जनजागरण खड़ा करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महापौर ने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ बस्तर में सामाजिक चेतना खड़ी करने वाले प्रमुख नेताओं में केदार कश्यप का नाम अग्रणी है।
नक्सलवाद के खिलाफ आवाज बनी तो व्यक्तिगत पीड़ा भी झेली
संजय पांडे ने कहा कि केदार कश्यप ने नक्सलवाद का विरोध उस समय किया, जब बस्तर में नक्सलियों का आतंक चरम पर था। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अपनी आवाज कभी कमजोर नहीं होने दी।
महापौर ने कहा, “केदार कश्यप केवल नक्सलवाद के खिलाफ बोलने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि स्वयं नक्सल हिंसा के पीड़ित हैं। नक्सलियों ने उनके भाई की निर्मम हत्या कर दी। व्यक्तिगत पीड़ा के बावजूद उन्होंने नक्सलवाद के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया और बस्तर में शांति, विकास और लोकतंत्र की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया।”
नारायणपुर में विकास की नई इबारत
महापौर ने कहा कि नारायणपुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास पहुंचाना आसान नहीं था। लेकिन विधायक के रूप में केदार कश्यप ने वहां सड़क, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम किया। जहां नक्सलवाद विकास को रोकना चाहता था, वहां केदार कश्यप ने विकास को ही नक्सलवाद का जवाब बनाया।
शिक्षा के क्षेत्र में दूरदृष्टि का परिणाम आज दिख रहा
महापौर पांडे ने कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री के रूप में केदार कश्यप के कार्यकाल को बस्तर की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के लिए याद किया जाएगा। नक्सली हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः खोलने, पोटा केबिन और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए।
उन्होंने कहा कि शिक्षाकर्मियों की मांग पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए उनके नियमितीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
महापौर ने कहा कि आज सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और देश के विभिन्न प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। यह बदलाव अचानक नहीं आया है। इसके पीछे वर्षों तक शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास हैं, जिसमें केदार कश्यप की दूरदृष्टि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
बस्तर की प्रतिभाओं को दिया मंच
महापौर ने कहा कि केदार कश्यप ने बस्तर की प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार प्रयास किए। खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को मंच देने की उनकी सोच ने बस्तर के युवाओं में आत्मविश्वास पैदा किया।
उन्होंने कहा कि आज बस्तर की नई पीढ़ी अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है और बस्तर अब केवल नक्सलवाद की खबरों के लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा, संस्कृति और विकास की संभावनाओं के लिए भी जाना जा रहा है।
“केदार कश्यप का कार्यकाल बस्तर के विश्वास का कार्यकाल”
महापौर श्री संजय पांडे ने कहा कि 17 वर्ष 9 माह का मंत्री कार्यकाल अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस लंबे सफर में बस्तर की आवाज, बस्तर की अस्मिता और बस्तर के विकास को केंद्र में रखा गया।
उन्होंने कहा, “केदार कश्यप ने नक्सलवाद के आतंक के सामने लोकतंत्र का झंडा ऊंचा रखा, धर्मांतरण के खिलाफ सामाजिक जागरण खड़ा किया, शिक्षा के क्षेत्र में दूरगामी काम किए और बस्तर की सकारात्मक पहचान को मजबूत किया। उनके 17 वर्ष 9 माह के मंत्री कार्यकाल के लिए मैं बस्तर की जनता की ओर से उन्हें बधाई और आभार प्रकट करता हूं।”
महापौर ने वन मंत्री केदार कश्यप के स्वस्थ, सफल एवं दीर्घ राजनीतिक जीवन की कामना करते हुए कहा कि बस्तर के विकास और जनकल्याण की यात्रा में उनका अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगा।