रिपोर्ट– जय शंकर पांडे

राजस्व अधिकारियों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए समय-सीमा में प्रकरण निराकरण के निर्देश
जगदलपुर, 07 सितम्बर 2026/कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह ने राजस्व अधिकारियों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर जिलों में राजस्व प्रकरणों एवं विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ त्वरित रूप से हल करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा विभाग है। इसलिए अधिकारियों और कर्मचारियों का दायित्व है कि वे प्रकरणों का समय पर निराकरण कर लोगों को सहूलियत प्रदान करते हुए संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ दायित्व निर्वहन करें।
कमिश्नर सिंह ने कहा कि जिलों में राजस्व संबंधी मामलों और कार्यों के बेहतर निष्पादन के लिए अपर कलेक्टर अधिक सक्रिय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। वे स्वयं सजग होकर कार्य करने के साथ ही अपने अधीनस्थ अधिकारियों को भी आवश्यक मार्गदर्शन दें और प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा करें।
उन्होंने जनदर्शन एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। अधिकारी प्रतिदिन कार्यालयीन कार्य की शुरुआत जनसरोकार से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा और उनके निराकरण को प्राथमिकता देकर करें।
भू-अर्जन प्रकरणों में रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण अनिवार्य
कमिश्नर ने भू-अर्जन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन प्रकरणों में अवार्ड पारित हो चुके हैं, उनमें मुआवजा वितरण से पूर्व राजस्व अभिलेखों का अनिवार्य रूप से दुरुस्तीकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार के बाद ही मुआवजा वितरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की विसंगति या विवाद की स्थिति निर्मित न हो।
उन्होंने वनाधिकार मान्यता पत्रों से संबंधित अभिलेखों के फौती एवं नामांतरण की कार्रवाई में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही वनाधिकार से संबंधित अभिलेखों को रिकार्ड रूम में जमा करने की प्रक्रिया में अद्यतन प्रगति सुनिश्चित करने कहा।
रिकार्ड रूम को स्ट्रांग रूम की तर्ज पर सुरक्षित बनाने के निर्देश
कमिश्नर श्री सिंह ने जिलों के रिकार्ड रूम की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने रिकार्ड रूम को निर्वाचन के स्ट्रांग रूम की तर्ज पर सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखों के सुरक्षित रख-रखाव, रिकॉर्ड की व्यवस्थित संधारण व्यवस्था तथा आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने पर जोर दिया।बैठक के दौरान राजस्व न्यायालयों का रोस्टर अनुसार निरीक्षण, अविवादित नामांतरण एवं खाता विभाजन, नक्शा बटांकन, डिजिटल क्रॉप सर्वे, भू-अर्जन के दर्ज प्रकरणों के कैफ़ियत कालम में क्रय विक्रय प्रतिबंधित उल्लेख करने सहित भू-स्वामियों को खसरा-बीवन प्रदाय, किसानों को ऋण पुस्तिका वितरण, वनाधिकार पट्टे धारकों को ऋण पुस्तिका प्रदाय इत्यादि की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल, डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त सहित एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद रहे। वहीं अन्य जिलों के राजस्व अधिकारी वर्चुअल तौर पर जुड़े रहे।