रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

कमिश्नर डोमन सिंह ने स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और उचित मूल्य दुकान का किया निरीक्षण, ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश

जगदलपुर, 11 सितम्बर 2026/ आदर्श ग्राम नेतानार में विकास की तस्वीर को और बेहतर बनाने के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में प्रशासन द्वारा सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ नेतानार पहुंचकर गांव में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और शासकीय संस्थानों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम के अनुरूप गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।



     कमिश्नर श्री सिंह ने ग्राम के प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, बालक छात्रावास, उप स्वास्थ्य केंद्र, आयुर्वेद औषधालय एवं उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और ग्रामीणों को मिल रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासकीय संस्थानों का लाभ ग्रामीणों को सहजता से मिले और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए अधिकारी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।



खेती के साथ सहायक गतिविधियों से बढ़ेगी आय

       कमिश्नर ने कहा कि ग्रामीणों की आर्थिक मजबूती के लिए केवल कृषि पर निर्भरता कम करते हुए कृषि की सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने गांव में उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थानीय संसाधनों पर आधारित बांस सामग्री उत्पादन को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।

        उन्होंने कहा कि गांव में उपलब्ध संसाधनों, स्थानीय हुनर और ग्रामीणों की रुचि के अनुरूप आजीविका गतिविधियों की पहचान कर उन्हें बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जाए। इससे ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे और परिवारों की आय में वृद्धि होगी।

महिलाओं के हुनर को रोजगार से जोड़ने की पहल

    कमिश्नर  सिंह ने कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत युवाओं को नए और रोजगारमूलक ट्रेड में प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी रुचि और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

     उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं के कौशल का उपयोग स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि इन महिलाओं को स्कूली बच्चों के गणवेश, पुलिस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की वर्दी तैयार करने जैसे कार्यों से जोड़ा जा सकता है। इससे महिलाओं को नियमित आय का अवसर मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर ही काम उपलब्ध होगा।

हर पात्र परिवार तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

   कमिश्नर ने अधिकारियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव में किसी भी पात्र व्यक्ति या परिवार को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ते हुए सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाए।

      उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम की पहचान केवल बेहतर सड़क, भवन और अन्य अधोसंरचनाओं से नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से होती है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ जब गांव के परिवारों को रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा का सहारा मिलता है, तभी आदर्श ग्राम की परिकल्पना सार्थक होती है। नेतानार में इसी सोच के साथ विकास कार्यों और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। इस दौरान कमिश्नर ने अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और आगामी दिनों में कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने कहा। बैठक के दौरान ग्रामीणों को ड्राइविंग लाइसेंस, खेल सामग्री सहित स्कूली बच्चों के लिए स्मार्ट टेलीविजन एवं आवश्यक बर्तन भी वितरित किया गया।

इस मौके पर मुख्य वन संरक्षक स्टायलो मंडावी, सीईओ जिला पंचायत  तन्मय खन्ना, डीएफओ  दीपेश कपिल सहित संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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