रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

16 सितंबर 2026, जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में करीब 13 साल लंबे इंतजार के बाद विशेष NIA अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए मामले में दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

देखें वीडियो 👆



फैसले के बाद दोषियों के परिवार और रिश्तेदारों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए दावा किया कि जिन लोगों को सजा सुनाई गई है, वे नक्सली नहीं थे। परिवारजनों का आरोप है कि पुलिस उन्हें घर से पूछताछ के नाम पर लेकर गई थी और बाद में जेल भेज दिया गया। उनका कहना है कि आरोपी पिछले करीब 13 वर्षों से जेल में बंद हैं और आज सुनाई गई मृत्युदंड की सजा ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।

परिजनों ने कहा, “इतनी बड़ी वारदात करने वाला व्यक्ति क्या अपने घर में रहकर खेती-किसानी करता रहेगा? हम मजदूर और किसान परिवार से हैं। पुलिस पूछताछ के नाम पर लेकर गई थी और कहा था कि पूछताछ के बाद छोड़ देंगे, लेकिन उन्हें जेल में डाल दिया गया।”

परिवारजनों ने अदालत के फैसले पर अपनी असहमति जताते हुए आगे कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply