रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

पारदर्शी व्यय,निरीक्षण एवं निगरानी हेतु जिला स्तर की समिति को होगा गठन – संजय पाण्डेय
49.95 लाख रुपये के कार्यों की सतत निगरानी के लिए जिला स्तरीय समिति गठन करने कलेक्टर को दिया MIC का प्रस्ताव
जगदलपुर / ऐतिहासिक दलपत सागर की सफाई एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महापौर संजय पांडे ने पहल की है। नगर निगम के महापौर-इन-काउंसिल (MIC) की 12 सितंबर 2026 को हुई बैठक में महापौर संजय पांडे ने कलेक्टर, जिला बस्तर को पारदर्शी व्यय, निरिक्षण एवं सतत् निगरानी हेतु जिला स्तरीय निगरानी समिति के गठन का प्रस्ताव रखा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि दलपत सागर की सफाई एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लिए जिला प्रशासन द्वारा 49.95 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
दलपत सागर शहर का महत्वपूर्ण जलस्रोत होने के साथ ही जनमानस और पर्यटकों से जुड़ा प्रमुख स्थल है। ऐसे में यहां होने वाले कार्यों की गुणवत्ता और स्वीकृत राशि के उचित उपयोग को लेकर नियमित निगरानी आवश्यक है।
महापौर संजय पांडे ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि कार्यों की वास्तविक प्रगति, गुणवत्ता, सफाई एवं जलकुंभी निष्कासन की स्थिति तथा स्वीकृत राशि के उपयोग की समय-समय पर समीक्षा के लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की जाए।
समिति के माध्यम से कार्यस्थल का निरीक्षण कर प्रगति का सत्यापन और प्रशासन को रिपोर्ट प्रस्तुत करने की व्यवस्था का प्रस्ताव दिया गया है।
निगरानी समिति में इन सदस्यों के नाम प्रस्तावित
ज्ञापन के अनुसार समिति में नगर निगम आयुक्त द्वारा नामित प्रतिनिधि के साथ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग से संबंधित जनप्रतिनिधियों तथा वार्ड पार्षदों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इनमें स्वच्छता समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण झा, पार्षद राकेश मौर्य कांग्रेस,पार्षद कुबेर देवांगन निर्दलीय, और पार्षद पायल बोथरा के नाम प्रस्तावित किए गए हैं।
“दलपत सागर स्वच्छ भी होगा और उसके पारदर्शी व्यय हेतु निगरानी भी होगी।” – महापौर संजय पांडे
महापौर संजय पांडे ने कहा कि दलपत सागर जैसे महत्वपूर्ण जलस्रोत के संरक्षण के साथ-साथ विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी जरूरी है। स्वीकृत राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग हो, कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो और इसकी प्रगति आम नागरिकों के सामने स्पष्ट रहे, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाना आवश्यक है।
महापौर की इस पहल के तहत कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में नगर विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित राशि के सदुपयोग को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। साथ ही दलपत सागर की सफाई एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की सतत निगरानी के लिए जिला स्तरीय समिति गठित करने की मांग की गई है।
महापौर संजय पांडे ने कहा कि दलपत सागर को पूर्ण रूप से स्वच्छ और जलकुंभी मुक्त करना हमारा संकल्प है। इसके लिए सफाई एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जानी जरूरी है। 49.95 लाख रुपए की स्वीकृत राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप सदुपयोग हो और प्रत्येक कार्य की वास्तविक प्रगति धरातल पर दिखाई दे, इसके लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति गठित करने का प्रस्ताव कलेक्टर को दिया गया है। समिति के माध्यम से कार्यों का नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता की जांच, जलकुंभी निष्कासन और राशि के उपयोग की समीक्षा की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि दलपत सागर शहर की पहचान है और इसके संरक्षण व विकास में जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। हमारा प्रयास है कि दलपत सागर न केवल स्वच्छ और जलकुंभी मुक्त बने, बल्कि यहां होने वाले प्रत्येक विकास कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही भी स्पष्ट रूप से नजर आए।
कलेक्टर से मिलने प्रतिनिधि मंडल में खेमसिंह देवांगन,सुरेश गुप्ता, लक्ष्मण झॉ, योगेन्द्र पाण्डेय, संग्रामसिंह राणा, श्रीमती त्रिवेणी रंधारी,पारुल बोथरा, कुबेर देवांगन, श्यामसुन्दर बघेल एवं अन्य शामिल थे ।