जगदलपुर/ बैठक में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला सहित सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष उपस्थित रहे इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, स्मार्ट मीटर के खिलाफ पार्टी द्वारा संचालित कार्यक्रम तथा स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की शुरुआत नयाखानी जुहार भेंट के साथ हुई स्मार्ट मीटर को लेकर संचालित कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बूथ कमेटी के सदस्यों से संवाद बढ़ाने पर सहमति बनी निर्णय लिया गया कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी बूथ स्तर तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, जिससे संगठन को मजबूत करने के साथ कार्यकर्ताओं के बीच आपसी सामंजस बना रहें लखेश्वर बघेल ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है ज्ञापन के माध्यम से समस्याओं के समाधान की मांग किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अब व्यापक आंदोलन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी 26 अक्टूबर से जिले में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा, जिसके माध्यम से सरकार और प्रशासन तक आम जनता की समस्याओं को पहुंचाया जाएगा। परिचय और समन्वय बेहतर हो सके।

26 अक्टूबर को जिले में धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम बैठक में बीते 1 अप्रैल को स्थानीय जनसमस्याओं को लेकर जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन पर भी चर्चा की गई कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन द्वारा जनहित से जुड़ी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है इसके विरोध में दशहरा के बाद आगामी 26 अक्टूबर को जिले में धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम एवं आर्थिक नाकाबंदी सहित व्यापक आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।

स्मार्ट मीटर से लेकर धान खरीदी और संपत्ति कर तक मुद्दे –उपनेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल ने कहा कि स्मार्ट मीटर से अनाप-शनाप बिजली बिलिंग, धान खरीदी के पंजीयन में जटिलताओं और तकनीकी दिक्कतों को लेकर आम जनता परेशान है उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में 16वें वित्त आयोग की राशि नहीं मिलने तथा राशन बंद किए जाने की बात कहकर गरीब और निराश्रित परिवारों पर सालाना 1200 रुपये संपत्ति कर का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा ,उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पूर्व में प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को पूरा करने, पात्र लोगों को वनाधिकार पट्टा देने, ग्राम पंचायतों में रोजगार उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने सहित विभिन्न मांगें रखी थीं इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण पार्टी ने आंदोलन का निर्णय लिया है।

जनहित से जुड़े कई मुद्दों को लेकर आंदोलन–कांग्रेस द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों में शासकीय विभागों के रिक्त पदों को भरना, बैकलॉग भर्ती, प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त 57 हजार पदों पर भर्ती, ऋणी किसानों का संपूर्ण धान खरीदी, रसोई गैस एवं कमर्शियल गैस की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना और मनरेगा के तहत 100 दिन का रोजगार तथा बकाया भुगतान शामिल हैं। इसके अलावा बस्तर में हाईकोर्ट की खंडपीठ स्थापित करने, सफाई कर्मियों एवं रसोइया श्रमिकों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि, सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में एम्स की तर्ज पर सस्ती दवाओ एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान तथा बिजली दरों की पुनर्समीक्षा की मांग भी कांग्रेस ने रखी है।कांग्रेस ने राजीव गांधी आश्रय पट्टा प्रदान करने और अन्य स्थानीय जनसमस्याओं के निराकरण की मांग भी दोहराई। सरकार को जगाने बड़े आंदोलन की चेतावनी।

बघेल ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है ज्ञापन के माध्यम से समस्याओं के समाधान की मांग किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अब व्यापक आंदोलन का निर्णय लिया गया है उन्होंने कहा कि आगामी 26 अक्टूबर से जिले में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा, जिसके माध्यम से सरकार और प्रशासन तक आम जनता की समस्याओं को पहुंचाया जाएगा।

इस दौरान मौजूद रहें बस्तर ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, उपाध्यक्ष बालेशचंद्र दुबे, महामंत्री मानसिंह कवासी, हेमराज बघेल, ब्लॉक अध्यक्ष बस्तर गणेश बघेल, करपावंड सोनाधर बघेल, बकावंड शिवराम बिसाई, बस्तर ब्लॉक महामंत्री रियाज खान, दीपक पांडे,एवं कार्यकर्त्तागण उपस्थित रहें।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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