
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश,
प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश, प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने को कहा
25 सितम्बर 2026, जगदलपुर । बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में उत्पन्न जलभराव एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों को देखते हुए कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली।मंत्री कश्यप ने संबंधित जिलों में बारिश से प्रभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के जलस्तर, आवागमन की स्थिति तथा प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
मंत्री कश्यप ने कहा कि भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जहां भी जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति बन रही है, वहां प्रशासनिक अमला तत्काल सक्रिय होकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे।
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही उनके लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिले के संवेदनशील एवं निचले इलाकों की लगातार निगरानी रखी जाए। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर विशेष नजर रखी जाए तथा ऐसे मार्ग, पुल-पुलिया या रपटे, जिनके ऊपर से पानी बह रहा हो, वहां किसी भी स्थिति में लोगों को जोखिम लेकर आवागमन न करने दिया जाए।
आवश्यकता के अनुसार पुलिस एवं प्रशासन की टीम तैनात कर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं।मंत्री कश्यप ने विशेष रूप से बस्तर के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं और राहत दलों को आवश्यक संसाधनों के साथ अलर्ट रखा जाए, ताकि किसी भी आपात परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मंत्री कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ रही है, वहां राहत शिविरों की समुचित व्यवस्था की जाए। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले को भी सतर्क रखा जाए। बारिश और जलभराव के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए।