01 अक्टूबर 2026, जगदलपुर। चांदनी चौक स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब और बीयर बेचने का मामला सामने आया है। ग्राहकों के अनुसार, ₹120 एमआरपी वाली गोवा शराब की क्वाटर के लिए ₹130 वसूले जा रहे हैं। जब ग्राहकों ने अतिरिक्त ₹10 लिए को लेकर सेल्समैन से सवाल किया तो कथित तौर पर सेल्समैन ने जवाब दिया कि “यह रेट अभी से नहीं, पहले से ही ₹130 है।”इसी तरह ग्राहकों का आरोप है कि ₹210 कीमत वाली बीयर के लिए ₹230 लिए जा रहे हैं।

120 रु. दाम लिखा वाला गोवा क्वार्टर 130 रु.

इससे शराब खरीदने पहुंचे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्राहकों का कहना है कि यदि बोतल पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही है, तो यह गंभीर जांच का विषय है। उपलब्ध तस्वीरों में शराब की बोतल के लेबल पर ₹120 का आरएसपी दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरी तस्वीर में बीयर की बोतल का लेबल भी दिखाई दे रहा है।

अब सवाल यह है कि शराब दुकान पर एमआरपी से अधिक राशि किसके निर्देश पर ली जा रही है? क्या विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी है?

फिर कार्यवाही क्यों नहीं ?

यह ओवररेटिंग की वसूली का पैसा किसके पास जा रहा है ?

ग्राहकों ने आबकारी विभाग से मामले की जांच कर ओवररेटिंग पर कार्रवाई और निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित कराने की मांग की है।जब ये खबर ओवररेट खबर अखबार या सोशल मीडिया के माध्यम के यह फोटो वीडियो वायरल हो रही है, तो क्या अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है ?

या तो फिर ये इनकी मिलीभगत से ये सब हो रहा है। ये पूरे बस्तर जिले के सभी शराब दुकानों पर ओवररेटिंग चल रहा है। और आबकारी अधिकारी कुंभकर्णीय निंद्रा में है, जब से ओवररेटिंग चल रहा है तब से एक बार भी अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शख्त निर्देश पर भी किसी भी प्रकार का संबंधित अधिकारियों पर कोई असर नहीं हो रहा है ? इससे विदेशी मदिरा दुकानों से इनकी मिलीभगत जाहिर होती है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply